खुशखबरी! प्रॉपर्टी पर लोन लेकर कर सकते हैं गुजर-बसर

ग्वालियर। बुढ़ापे में आजीविका का कोई साधन नहीं होने तथा बच्चों से भी मदद नहीं मिलने पर लोगों को अब परेशान होने की जरूरत नहीं है। बैंकों में उनके लिए उपलब्ध है रिवर्स मॉरगेज लोन। अन्य लोन की तुलना में यह एक ऐसा लोन है, जिसमें बगैर किसी भुगतान के आय बढ़ती है। इसमें किस्त हर माह या त्रैमासिक ली जा सकती है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के निर्देश पर रिवर्स मॉरगेज लोन वरिष्ठ नागरिकों के लिए शुरू किया गया है। यह लोन लेने के लिए पुरुष की आयु 60 वर्ष से अधिक और महिला की आयु 58 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। इसमें अकेले या फिर पति-पत्नी संयुक्त रूप से लोन ले सकते हैं। 68 वर्ष से कम आयु के व्यक्तियों को पंद्रह वर्ष और 68 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति को लोन देने की सीमा दस वर्ष रखी है।
मकान की कीमत का 90 फीसदी तक लोन: रिवर्स मॉरगेज लोन देने से पहले मकान की रजिस्ट्री की वैधता की जांच संबंधित बैंक के अधिकारी व वकील करते हैं। पूरी प्रक्रिया के बाद एक सप्ताह में वरिष्ठ नागरिकों को मकान की वर्तमान कीमत का 60 से 90 फीसदी तक लोन स्वीकृत किया जाता है। स्वीकृत लोन का 50 फीसदी भुगतान एकमुश्त और 50 फीसदी मासिक या त्रैमासिक किस्त के रूप में किया जाता है। अलग-अलग बैंक रिवर्स मॉरगेज लोन पर 12 से 14 फीसदी तक वार्षिक ब्याज लेते हंै।
लोन के साथ यह भी हैं शर्तें
- बैंक के पास मूल रजिस्ट्री बंधक रहती है लेकिन मकान का मालिकाना हक वरिष्ठ नागरिकों का रहता है।
- बैंक रिवर्स मॉरगेज लोन के मामले में यह मानकर चलते हैं कि अंतत: मकान की बिक्री होगी, इसलिए जीवित रहने तक लोन चुकाना अनिवार्य नहीं है।
- यदि वरिष्ठ नागरिक चाहें तो बिना पेनाल्टी कभी भी लोन की राशि चुका सकते हैं। इस लोन की आय पर कोई कर नहीं लगता।
- बुजुर्ग की मृत्यु के बाद उनके बच्चे चाहें तो लोन का भुगतान कर मकान ले सकते हैं। यदि उनके कोई संतान नहीं है तो बैंक मकान बेचकर लोन की राशि वसूलेगा और बकाया राशि उनके उत्तराधिकारी को दे दी जाएगी।
- यदि किसी बुजुर्ग के दो बच्चे हैं और वे आपस में संपत्ति के लिए लड़ रहे हैं तो बैंक कोर्ट के सक्सेशन सर्टिफिकेट के आधार पर फैसला लेगा।








