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वाह! अब रात में भी देख सकेंगे मकबरा व समाधि
Dainik Bhaskar News
| Jul 30, 2012, 07:22AM IST

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के भोपाल मंडल द्वारा इसके लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अगस्त माह में लाइटिंग लगाने का काम शुरू हो सकता है। लाइटिंग के लिए मकबरे के चारों ओर 300 मीटर की परिधि में अंडरग्राउंड केबल बिछाई जाएगी। इस कवायद पर 1.60 लाख की लागत आएगी। हालांकि, एएसआई की ओर से मकबरे को देखने का समय सूर्योदय से सूर्यास्त तक तय किया गया है, लेकिन लाइटिंग होने के बाद पर्यटक रात में ही दूर से ही मोहम्मद गौस एवं तानसेन मकबरे को देख सकेंगे।
गौस मकबरा पर एक नजर
मध्यकाल में निर्मित मोहम्मद गौस का मकबरा हजीरा चौराहे से किलागेट मार्ग पर स्थित है। इसी के पास संगीत सम्राट तानसेन की समाधि है। यह मकबरा प्रारंभिक मुगल वास्तु कला का बेजोड़ नमूना है। इसके चारों कोनों पर षटकोण बुर्ज हैं, जिसके सिरों पर छोटे-छोटे गुंबद हैं। मकबरे की इमारत के चारों ओर घनी एवं बारीक डिजाइन की पत्थर की खुदी हुईं जालियां लगी हुई हैं। शेख मोहम्मद गौस सूफी संत थे, जो गाजीपुर से ग्वालियर आए थे।






