एक हजार लोगों की भर्ती करेगा एस्सेल ग्रुप

ग्वालियर। लाइन में फॉल्ट आने पर मेंटेनेंस के लिए न तो आपको बार-बार बिजली कंपनी के अफसरों से अनुरोध करना पड़ेगा और न ही बिल जमा करने के लिए लंबी लाइन में लगना पड़ेगा। यह दावा है शहर में बिजली की फ्रेंचाइजी लेने वाले एस्सेल ग्रुप का। कंपनी ने 18 दिसंबर से काम संभालने की तैयारी शुरू कर दी है। बिजली व्यवस्था संभालने के लिए ग्रुप द्वारा फील्ड के तकनीकी स्टाफ से लेकर ऑफिस स्टाफ तक एक हजार लोगों की भर्ती की जाएगी।
एस्सेल ग्रुप को यह काम अक्टूबर से संभालना था, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते ग्रुप ने बिजली कंपनी को आवेदन देकर तीन माह का समय बढ़वा लिया था। अब एक बार फिर से कंपनी काम संभालने की तैयारी कर रही है। अगले माह से निजी कंपनी के नाम से ही बिजली के बिल जारी किए जाएंगे। राज्य शासन से कंपनी का 15 साल का अनुबंध हुआ है। शासन ने एस्सेल ग्रुप के कार्यों पर नजर रखने के लिए एक फ्रेंचाइजी सेल भी बनाई है। इस सेल के प्रमुख बिजली कंपनी के महाप्रबंधक पीके तिवारी होंगे। इतना ही नहीं बिजली कंपनी के तकनीकी कर्मचारियों सहित 59 कर्मचारी-अधिकारी अपनी सेवाएं देंगे।
पौने दो सौ करोड़ खर्च करेगा ग्रुप
महानगर के उपभोक्ताओं को सुविधा प्रदान करने व बिजली सप्लाई की व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए एस्सेल ग्रुप पांच साल में 170 करोड़ रुपए खर्च करेगा। इसके तहत एक अत्याधुनिक कंट्रोल रूम भी तैयार किया जाएगा। शहर में किसी भी स्थान पर बिजली का फॉल्ट होने पर कंट्रोल रूम में बैठे लोगों को कंप्यूटर की स्क्रीन पर यह जानकारी मिल जाएगी। कंट्रोल रूम में बैठा व्यक्ति संबंधित क्षेत्र के लाइनमैन को फॉल्ट की
सूचना देगा।






