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चट शादी, पट रजिस्ट्रेशन को अपना लिए हैं युवा

दिनेश गुप्ता | Jul 22, 2012, 01:35AM IST
 
 

ग्वालियर. शादी के रजिस्ट्रेशन को लेकर लोग अब जागरूक होने लगे हैं। खासकर शहरी क्षेत्रों में शादी के तत्काल बाद नवविवाहित जोड़े अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए मैरिज रजिस्ट्रार के समक्ष आवेदन करने पहुंच जाते हैं। ग्वालियर शहर में इस साल अब तक 556 शादियां रजिस्टर्ड हो चुकी हैं, जबकि दो साल पहले वर्ष 2010 में पूरे साल के दौरान यहां 510 शादियां ही रजिस्टर्ड हुई थीं।

शादी का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने संबंधी मप्र विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रीकरण नियम चार साल पहले 23 जनवरी 2008 को लागू हुआ। इसके तहत नए विवाह के रजिस्ट्रेशन के लिए नगर निगम व नगरपालिका को अधिकृत किया गया, जबकि 2008 के पहले की शादियों के रजिस्ट्रेशन का काम पहले की तरह एडीएम को सौंपा गया है।

नए नियम का असर शहरी क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है। नियम लागू होने के पहले ग्वालियर शहर में हर माह 30 से 35 रजिस्ट्रेशन होते थे, जो अब बढ़कर 70 से 80 तक पहुंच गए हैं। हालांकि शादी का रजिस्ट्रेशन न कराने पर किसी भी तरह के दंड का प्रावधान नहीं है। इसलिए सभी विवाहित जोड़े अभी भी शादी का रजिस्ट्रेशन कराने को अनिवार्य नहीं मानते हैं।

एक सप्ताह में मिल जाता है मैरिज सर्टिफिकेट

नए नियम के बाद शादी के एक माह के अंदर आवेदन करने पर अधिकतम एक सप्ताह में रजिस्ट्रेशन हो जाता है। शादी यदि 2008 के पहले हुई है तो सर्टिफिकेट मिलने में एक माह का समय लग जाता है। पुलिस व तहसीलदार की रिपोर्ट में यदि समय लगता है तो समय सीमा बढ़ (दो से तीन माह तक) भी सकती है।


रजिस्ट्रेशन के लिए यह है जरूरी


पुरानी शादी के रजिस्ट्रेशन पर आवेदन तीन प्रतियों में दोनों पक्षों के तीन-तीन फोटो के साथ एडीएम दफ्तर में जमा होते हैं।

शादी यदि 2008 के बाद हुई है तो दोनों पक्षों के पांच-पांच फोटो लगते हैं। आवेदन शहरी क्षेत्र में नगर निगम में तथा ग्रामीण क्षेत्र में नगर पंचायत में जमा होते हैं।

वर्ष 2008 के पहले शादी होने पर आवेदन के साथ फीस के रूप में दस रुपए का स्टाम्प व 32 रुपए का बैंक चालान जमा करना होता है।

शहरी क्षेत्र में मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए 110 रुपए फीस तय है। इसमें से 50 रुपए रजिस्ट्रेशन के जबकि 60 रुपए जनमित्र केंद्र की फीस है।

इनमें से किसी एक दस्तावेज की कापी आवेदन के साथ जमा करना जरूरी है- वोटर कार्ड, बिजली का बिल, टेलीफोन बिल, नल का बिल।

वर-वधू के शपथ-पत्र, शादी कार्ड, विवाह स्थल बुकिंग की रसीद।

दोनों पक्षों की हायर सेकंडरी की अंक सूची, निवास प्रमाण पत्र, विवाह के फेरों के फोटो।

शादी कराने वाले पुरोहित का नाम व गवाही तथा तीन अन्य गवाह।

शादी घर के बुकिंग की रसीद न होने, पुरोहित न होने पर शपथ-पत्र पर तीन गवाह जरूरी।

शादी यदि 2008 के पहले हुई है और फेरों के फोटो नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में वर्तमान का ग्रुप फोटो भी चलेगा।


रजिस्ट्रेशन कराने वालों की संख्या बढ़ गई है

जब से मैरिज रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया है तब से आवेदनों की संख्या बढ़ी है। पहले हर माह 30 आवेदन आते थे अब यह संख्या बढ़कर 80 तक पहुंच गई है। ॥
डॉ. उदय मोघे, रजिस्ट्रार, मैरिज रजिस्ट्रेशन, ग्वालियर


सभी जिलों में बढ़े मैरिज रजिस्ट्रेशन के आंकड़े

वर्ष ग्वालियर श्योपुर मुरैना शिवपुरी
2009 537 27 77 47
2010 510 49 55 35
2011 795 42 71 50
2012 556 34 43 51
(2012 के आंकड़े 20 जुलाई तक के हैं)

यहां काम आता है मैरिज रजिस्ट्रेशन

:बैंक में ज्वाइंट एकाउंट खोलते समय।

:बड़े शहरों में किराए का मकान लेते समय।

:विदेश यात्रा पर जाने के लिए पासपोर्ट बनवाते समय।

:पति-पत्नी के बीच क्लेम विवाद होने पर।

:वैवाहिक संबंध खराब होने पर न्यायालयीन प्रक्रिया में।
 
 
 

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