सिंधिया ने दिग्विजय को पिता कहा तो दिग्गी ने सिंधिया को पुत्र माना

गुना। चार साल के लंबे अंतराल के बाद कांग्रेस के दो बड़े नेता पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एक मंच पर एक-दूसरे की तारीफ करते नजर आए। रविवार को राजीव गांधी कांग्रेस भवन ट्रस्ट के लोकार्पण समारोह में दोनों ने एक-दूसरे की जमकर तारीफ की। मंच से सिंधिया ने दिग्विजय को पितातुल्य बताया तो दिग्विजय ने भी उन्हें पुत्र समान बताते हुए बात पूरी की।
कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया भी मौजूद थे। इसके पहले हनुमान चौराहे पर सिंह ने सिंधिया का माल्यार्पण कर स्वागत किया और गले मिले। कार्यक्रम को पहले संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि संकट की घड़ी में सिंह ने साथ दिया। वे उन्हें पितातुल्य मानते हैं, इसलिए बहुत आदर करते हैं। सिंधिया ने कहा कि उनके बीच सोच-विचार में मतभेद हो जाते हैं लेकिन वे उनके लिए आदरणीय ही हैं। इधर सिंह ने भी कहा कि सिंधिया ने उन्हें पितातुल्य माना है तो वह भी सिंधिया को पुत्रतुल्य मानेंगे।
एकता की मिसाल देखने को मिली है: कांतिलाल भूरिया
इसके पहले तक दोनों नेताओं के बीच काफी दूरियां होने की खबरें आती रही हैं। दोनों ने एक-दूसरे के क्षेत्र में सभाएं भी की थीं। यह फासले गत चुनाव में टिकट वितरण के वक्त भी दिखाई दिए थे। अब दोनों नेताओं के एक मंच पर आने से नए राजनीतिक समीकरण बनते दिख रहे हैं। भूरिया ने कहा कि कांग्रेस एकजुट होकर मिशन- 2013 फतह करेगी। एकता की यह मिसाल यहां देखने को मिली है।






