ग्वालियर। जनवरी माह शुरू होते ही आयकरदाता टैक्स बचाने के लिए निवेश की प्लानिंग करने लगे हैं। आयकर विभाग के स्पष्ट निर्देश हैं कि आयकर दायरे में आने वाले कर्मचारी नियमों के तहत हर माह टैक्स कटवाएं। टैक्स कम जमा होने पर कर्मचारी के साथ संबंधित कार्यालय के अधिकारी भी ब्याज और पेनाल्टी के लिए जिम्मेदार होंगे।
वेतनभोगी कर्मचारी आयकर की गणना करने के लिए अपने चार्टर्ड एकाउंटेंट के दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं। चार्टर्ड एकाउंटेंट उन्हें टैक्स बचाने तथा अलग-अलग स्कीमों में निवेश करने के उपाय बता रहे हैं।
कैसे करे टैक्स बचत - एक लाख का निवेश: धारा 80 सी के तहत आप एलआईसी, प्रॉविडेंट फंड, एनएससी, ट्यूशन फीस, पांच वर्ष की बैंक एफडीआर, तीन वर्ष के म्युचुअल फंड, हाउसिंग ऋण के भुगतान आदि के जरिए एक लाख की छूट का फायदा उठा सकते हैं। - टैक्स सेविंग बांड: एक लाख से अधिक की छूट पाने के लिए आयकरदाता को दस हजार रुपए के टैक्स सेविंग बांड खरीदने पड़ेंगे। इसके अलावा 15 हजार रुपए तक की अतिरिक्त छूट पाने के लिए आयकरदाता मेडिकल पॉलिसी का फायदा ले सकते हैं। इससे कर बचाने के साथ-साथ स्वास्थ्य का बीमा भी हो जाता है। - मकान व शिक्षा ऋण: यदि आपने मकान बनाने या बच्चों की शिक्षा के लिए ऋण लिया है तो उसके ब्याज का फायदा भी इनकम टैक्स में उठा सकते हैं।
आयकरदाता टैक्स सेविंग स्कीम की जानकारी ले रहे हैं इस समय आयकरदाता टैक्स प्लानिंग में लगे हैं तथा टैक्स सेविंग स्कीम के बारे में जानकारी ले रहे हैं। सुधीर सुरेखा, सीए