विज्ञापन
 
 
 
 

कॉलेज संचालकों को मिलेगा छात्रों से अवैध वसूली का मौका

 
Source: dainik bhaskar news   |   Last Updated 02:02(29/01/12)
 
 
 
 
ग्वालियर. जीवाजी यूनिवर्सिटी ने एक बार फिर बीएड कॉलेजों को अवैध वसूली का मौका देते हुए 8500 छात्रों के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। दरअसल, यूनिवर्सिटी ने बीएड की प्रैक्टिकल परीक्षा पहले कराने के बजाय मुख्य परीक्षा कराने की तैयारी कर ली है।



इसका कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। परीक्षा 13 फरवरी से शुरू होगी। अब कॉलेज छात्रों से प्रैक्टिकल के नंबर बढ़ाने के नाम पर वसूली करेंगे। जेयू की ओर से हाल ही में बीएड सत्र 2010-11 में अध्ययनरत छात्रों से परीक्षा फॉर्म भरवाए गए थे। बीएड छात्रों ने कॉलेजों पर परीक्षा फॉर्म फीस के नाम पर 15 से 25 हजार रुपए वसूल करने का आरोप लगाया था।



छात्रों की शिकायत के बाद यूनिवर्सिटी में परीक्षा फॉर्म वितरण किए जाने लगे। साथ ही वसूली के आरोपों से घिरे कॉलेजों की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई, लेकिन जांच अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इस दौरान छात्रों ने जेयू प्रशासन से कॉलेजों की ओर से की जाने वाली वसूली से बचने के लिए मुख्य परीक्षा से पहले प्रैक्टिकल परीक्षा कराने की मांग की थी।




जिस पर जेयू प्रशासन ने सहमति जता दी थी, लेकिन जेयू के अधिकारियों ने पहले मुख्य परीक्षा की तारीख घोषित कर दी है, जबकि प्रैक्टिकल परीक्षा बाद में कराने की योजना बनाई है।



रिजल्ट में होगी देरी: मुख्य परीक्षा के पहले प्रैक्टिकल नहीं होने से बीएड के रिजल्ट में देरी होगी, क्योंकि नंबर में हेराफेरी करने के चक्कर में अधिकांश कॉलेज प्रैक्टिकल के अंक मुख्य परीक्षा खत्म होने के तीन-तीन महीने बाद तक नहीं भेजते।



कई कॉलेजों की ओर से सत्र 2009-10 के बीएड छात्रों के अंक परीक्षा खत्म होने के छह महीने बाद भेजे गए थे। कॉलेजों की ओर से इस तरह देरी किए जाने के कारण जेयू ने आठ माह बाद रिजल्ट घोषित किया था।
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
आपके विचार

 
 
कोड :
4 + 8

 
 
विज्ञापन
 

बड़ी खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

रोचक खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

बॉलीवुड

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जीवन मंत्र

 
 
 
 
 
 
 
 
 

क्रिकेट

 
 
 
 
 
 
 
 
 

बिज़नेस

 
 
 
 
 
 
 
 
 

जोक्स

 
 
 
 
 
 
 
 
 

पसंदीदा खबरें

 
 
 
 
 
 
 
 
 

फोटोगैलरी

Most Viewed

रेड हॉट
ट्विटर पर जिस्म -2
Just Added

'राउडी राठौर'
Unveiling Victoria's latest collection
 
 
 
विज्ञापन
 
 
| Email  Print Comment
| Email  Print Comment