अब ग्वालियर स्टेशन से ट्रेनें दौड़ेंगी सरपट
Source: dainik bhaskar news | Last Updated 01:30(29/01/12)
ग्वालियर. प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खोखले हुए ट्रैक को बदलकर वॉशेबल एप्रिन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पर रेलवे 79.99 लाख रुपए खर्च करेगी। वर्तमान में प्लेटफॉर्म ट्रैक की खराब स्थिति के कारण ट्रेनों को धीमी गति से निकाला जा रहा है।
स्टेशन पर खोखले हुए वॉशेबल एप्रिन व ट्रैक को बदलने की सुध रेलवे को आ गई है। एक नंबर प्लेटफॉर्म पर वॉशेबल एप्रिन के लिए रेलवे ने 79.99 लाख रुपए का टेंडर जारी किया है। यह टेंडर 1 मार्च को खोले जाएंगे। उल्लेखनीय है कि प्लेटफॉर्म क्रमांक एक पर ट्रैक की स्थिति छह माह से खराब है, इसे बदलने का प्रस्ताव लगभग ढाई माह पूर्व मंडल मुख्यालय भेजा गया था।
वहीं,प्लेटफार्म चार पर नए वॉशेबल एप्रिन के लिए टेंडर पूर्व में ही जारी कर दिए गए हैं। दोनों कार्यो की लागत 1.60 करोड़ रुपए आएगी।
45 दिन बंद रहेगा प्लेटफार्म
वॉशेबल एप्रिन व ट्रैक बदलने का काम पूरा होने में लगभग 45 दिन लगेंगे। इस दौरान एक नंबर प्लेटफॉर्म पर दिल्ली की ओर से आने वाली ट्रेनें प्लेटफॉर्म दो व तीन पर ली जाएंगी। रेलवे दोनों प्लेटफॉर्मो पर एक साथ निर्माण कार्य शुरू नहीं करेगा।
प्लेटफॉर्म नंबर एक का काम समाप्त होने पर चार नंबर का कार्य शुरू किया जाएगा। प्लेटफॉर्म नंबर चार पर हालांकि कम ट्रेनों का संचालन किया जाता है, लेकिन प्लेटफार्म नंबर एक पर काम शुरू होने पर दूसरे नंबर पर ट्रेनों का लोड बढ़ जाएगा।
खोखला हो गया है पुराना वॉशेबल एप्रिन
प्लेटफॉर्म एक पर लगभग 650 मीटर लंबे ट्रैक के नीचे बना वॉशेबल एप्रिन कई स्थानों पर खोखला हो गया है। इसके खोखले होने के कारण दोनों पटरियों का बैलेंस गड़बड़ा गया है। कई बार ट्रेन गुजरने पर झटके लगने से पटरी का ज्वाइंट खुलने व पटरी टूटने की स्थिति बनती है। प्लेटफॉर्म क्रमांक एक पर गत दो माह में तीन बार ऐसी स्थिति बन चुकी है।