सात महीने बाद फिर बिक सकेगा खुला खाद्य तेल

इंदौर। राज्य सरकार ने खाद्य तेल की खुली ब्रिकी पर से प्रतिबंध हटा लिया है। इसे व्यापारी वर्ग के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। पिछले साल अप्रैल में केंद्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने से पूरे देश में खाद्य तेल की खुली ब्रिकी पर प्रतिबंध लग गया था। केवल पैकिंग में ही बिक्री मान्य थी।
केंद्र के इस नियम के खिलाफ व्यापारियों ने राज्य सरकार से राहत की मांग की थी। राज्य सरकार ने प्रतिबंध के नौ माह बाद शुक्रवार शाम खुले विक्रय को हरी झंडी के आदेश दे दिए। आदेश फिलहाल एक साल के लिए जारी किए गए हैं। बाजार के जानकार बताते है कि सरकार के इस फैसले से मिलावट फिर एक बार जोर पकड़ सकती है। ॥ गरीब लोग प्रतिदिन खुला खाद्य तेल लेते हैं क्योंकि वे डिब्बा बंद तेल खरीदने में सक्षम नहीं रहते।
इसलिए प्रतिबंध हटा दिया गया है। - ए.के तोमर, डिप्टी सेक्रेटरी,लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण म.प्र जिन पर प्रकरण बन चुके, उनका क्या होगा? 1 अप्रैल 2012 के बाद जिन दुकानों पर खुला तेल बिकता पाया गया था उनके खिलाफ सभी जिलों में खाद्य और औषधि विभाग ने जमकर मुहिम चलाई। सैकड़ों प्रकरण बनाए गए। प्रतिबंध हटने के बाद क्या इनको दोषमुक्त किया जाएगा? इस पर फिलहाल अधिकारी कुछ बोलने से बच रहे हैं।
अभी तक 30 लाख रु. का हो चुका है जुर्माना खाद्य एवं औषधि विभाग से सात माह में ही खुला तेल बेचने के दोषी व्यापारियों पर करीब 30 लाख का जुर्माना लगाया है। विभाग के प्रभारी बताते है कि 25 लाख का जुर्माना व्यापारी भर चुके हैं। अधिनियम के अनुसार दोषी व्यापारी पर 10 लाख तक का जुर्माना या आजीवन कारावास का प्रावधान है।






