इंदौर. साठ साल की उम्र में सेवानिवृत्त औद्योगिक कर्मचारी मात्र 10 रुपए रोज पर अपना और पत्नी का गुजर-बसर कर लेता है। यदि कर्मचारी मर जाए तो उसकी पत्नी सिर्फ एक रुपए रोज पर जीवनयापन कर लेगी। यह भले ही सुनने में अविश्वसनीय लगे, लेकिन केंद्रीय श्रम मंत्रालय द्वारा यही मानकर भविष्यनिधि पेंशन दी जाती है।
शनिवार को भविष्य निधि पेंशनर्स एसोसिएशन द्वारा मीडिया से चर्चा में बताया गया कि सेवानिवृत्त औद्योगिक कर्मचारियों को 300 से 1500 रुपए अधिकतम प्रति माह की भविष्य निधि पेंशन दी जाती है। हमारी मृत्यु के बाद पत्नी को न्यूनतम 30 से 500 रुपए प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। एसोसिएशन के अध्यक्ष एमसी रावत व कोषाध्यक्ष एमएल पांडे ने बताया कि औद्योगिक कर्मचारियों के लिए सरकार द्वारा साल 1995 में पेंशन योजना शुरू की गई थी। उन्होंने कहा सरकार ने छठा वेतन आयोग लागू कर दिया, कर्मचारियों को महंगाई भत्ता बढ़ा दिया लेकिन आज तक हमारी पेंशन का मूल्यांकन नहीं किया। एसोसिएशन ने पेंशन बढ़ाकर 5000 रुपए प्रतिमाह करने की मांग की है।
प्रदेश में सेवानिवृत्त औद्योगिक कर्मचारी- 30 हजार
इंदौर जिले में कर्मचारी- 10 हजार
इंदौर में कर्मचारियों की विधवाएं- 1500 (लगभग)
यह शामिल है योजना में
योजना में साढ़े छह हजार प्रतिमाह पाने वाले औद्योगिक कर्मचारियों को इसमें शामिल किया गया है। मिलों के साथ ही वह सभी उद्योग के कर्मचारी इसमें शामिल है, जो भविष्य निधि के तहत आते हैं।
तीन गुना हो गई महंगाई
सामग्री 16 साल पहले भाव वर्तमान में भाव
आटा 10 रुपए प्रति किलो 25 रुपए प्रति किलो
तुवर दाल 25 रुपए 80 रुपए
तेल 35-40 रुपए 80-90 रुपए
शकर 14 रुपए 32 रुपए
चावल 10 रुपए 40-50 रुपए