...तो इसीलिए निकम्मे साबित हो रहे सरकारी अस्पताल
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 01:57(10/02/12)
इंदौर। मरीजों को दी जाने वाली दवाएं सरकारी अस्पतालों में रखी-रखी एक्सपायर हो रही हैं। इन्हें कर्मचारी गुपचुप तरह से ठिकाने लगाने में लगे हुए हैं। अस्पतालों में सीरिज, इंजेक्शन भी बिखरे पड़े हैं। यहां तक कि उपयोग में आने वाली दवा भी कबाड़ में पड़ी हैं।
मामला मांगीलाल चूरिया अस्पताल का है। यहां एक्सपायरी डेट की कई दवाइयों को वार्ड में रखा गया है। इनमें नाइट्राजिपाम टेबलेट, इक्यूनिल, अल्प्राजोलम, बच्चों के लिए डाइक्लोमाइन हायड्रोक्लोराइड, आईड्राप, बेनझिलपेनिसिलीन इंजेक्शन सहित कई दवाइयां खुले में एक कमरे में रख छोड़ी है।इन दवाइयों को न तो मरीजों को बांटा गया और न ही विभागीय प्रक्रिया में नष्ट किया गया। कुछ दिन पहले कर्मचारियों ने हजारों की दवाइयां बिना किसी को बताएं जला भी दी। इनमें ऐसी दवा भी थी जिनकी एक्सपायरी 2013 में थी। इन एक्सपायरी दवाइयों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में रखवाया जा रहा है।
पहले क्लोरीन की एक्सपायरी गोलियां जब्त की थी- करीब पांच-छह साल पहले तत्कालीन एसडीएम चंद्रमौलि शुक्ला ने इस अस्पताल से लाखों क्लोरीन की गोलियां जब्त थी। एक्सपायरी डेट की ये दवाइयां एक कमरे में बंद कर छिपा दी गई थी। जरूरत से ज्यादा गोलियां मंगवा ली गई लेकिन अधिकारी उसे लोगों को बांट नहीं पाए। श्री शुक्ला ने सील कर जब्त कर दिया था।
मुझे जानकारी नहीं है
प्र. अस्पताल में एक्सपायरी दवा क्यों है?
- नहीं, थोड़ी बहुत होंगी।
प्र. इसे क्यों जला रहे हैं। नियमानुसार अधिकारियों की जानकारी के इन्हें नहीं जला सकते?
- नहीं हमने अधिकारियों को एक्सपायरी दवा की जानकारी दे दी है। कुछ दवाइयां एक्सपायरी होने वाली थी इसलिए जिला अस्पताल भेज दी। अस्पताल में दवा जलाने का मामला मेरी जानकारी में नहीं है।
प्र. मरीजों को दवाइयां बांट नहीं पाए?
- ड्रग स्टोर से कई बार ऐसी दवाइयां मिलती हैं, जिनके मरीज ज्यादा नहीं आते हैं।
प्र. दवा नहीं बांट पा रहे तो क्यों मंगवा रहे?
- पाइप लाइन में दवाइयां रखना पड़ती है। एक्सपायरी होने के तीन महीने पहले ही रिपोर्ट कर देते हैं।
प्र. अस्पताल में कितनी दवाइयां एक्सपायरी हैं?
- फिलहाल नहीं बता सकता।रिकॉर्ड देखने के बाद ही वास्तविक स्थित बता पाऊंगा।
( अस्पताल प्रभारी डॉ. एस.के. अवधिया, से सीधी बात)