गोरेपन का यह क्रीम गोरा करने की बजाय कर रहा काला

इंदौर। इंस्टेंट गोरेपन के लिए शहर में बड़ी मात्रा में स्टेरॉइड युक्तक्रीम का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन अधिक इस्तेमाल से गोरा बनाने वाली क्रीम ही चेहरा बिगाड़ रही है।
शहर में खूबसूरत दिखने के लिए इन दिनों ब्यूटी ट्रीटमेंट में स्टेराइड का प्रयोग तेजी से हो रहा है। त्वचा रोग विशेषज्ञों का कहना है हर हफ्ते दो से तीन पेशेंट स्टेरॉइड के साइड इफेक्ट की शिकायत लेकर आ रहे हैं। कुछ पार्लर में अनट्रेंड ब्यूटीशियन बिना किसी जानकारी के स्टेराइड यूज कर रही हैं। क्लाइंट भी तत्काल फर्क के लिए स्टेराइड का प्रयोग कर स्किन को स्टेराइड एडिक्ट बना रहे हैं।
ब्यूटीशियन किरण शर्मा बताती हैं कुछ ब्यूटीशियन बिना स्टेराइड की जानकारी के यह इस्तेमाल कर रही हैं, जो स्किन को नुकसान पहुंचा रही है। यूटीशियन ज्योति दुबे कहती हैं एंटी एजिंग, स्किन टाइटनिंग के लिए भी स्टेराइड का इस्तेमाल हो रहा है।
ब्लड सप्लाय कम करता है
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. सुनील मालपानी कहते हैं स्टेराइड 15 दिन से ज्यादा चेहरे पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, लेकिन लोग तुरंत गोरेपन के लिए इसका खूब उपयोग कर रहे हैं। यह ब्लड सप्लाय कम करता है, जिससे चेहरा सफेद हो जाता है और लोग समझते हैं गोरे हो रहे हैं। विशेषज्ञ डॉ.अनिल दशोरे कहते हैं हमारे पास महीने में 5-7 पेशेंट आ रहे हैं जिसमें क्लाइंट स्टेरॉइड का सालभर से ज्यादा समय इस्तेमाल करता रहा और स्किन डेमेज हो गई।
डर्मेटो कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. अनिल सोनी बताते हैं पिगमेंटेशन की परेशानी कॉमन है। नए ब्यूटी ट्रीटमेंट में ट्रिपल फॉर्मूला आया है, जिसके तीन केमिकल में से एक स्टेराइड भी शामिल है।
केस-1
एक ब्यूटी पार्लर में कुसुम जैन ने फेशियल कराया। मसाज क्रीम में स्टेरॉइड कंटेंट था, जिससे चेहरा तत्काल ग्लो करने लगा। इसका लगातार इस्तेमाल कुछ समय बाद स्टेरॉइड का उपयोग बंद हुआ चेहरा काला पड़ने लगा।
केस-2
निकिता रॉय ने पिगमेंटेशन का इलाज कराया। वहां स्टेरॉइड मिक्स क्रीम से उन्हें फायदा होने लगा। काफी समय इस्तेमाल करने के बाद जब क्रीम का उपयोग बंद किया तो पिगमेंटेशन फिर बढ़ गया।







