अस्पताल में मंत्री के सात मिनट
5.05 बजे : लोगों ने घेरकर कहा- जिस पुलिस ने लाठियां बरसाई उसी को लेकर आ गए।
5.06 बजे : मंत्री ने पुलिस को बाहर ही रुकने को कहा और अस्पताल के मेन सर्जिकल वार्ड जा पहुंचे।
5.08 बजे : कार्यकर्ताओं ने खरी-खोटी सुनाना शुरू कर दी। मुख्यमंत्री के खिलाफ भी नारे।
5.09 बजे : घायल देवकरण जाट ने अभद्र टिप्पणी करते हुए मंत्री के गले में हरा गमछा डाल दिया। हक्का-बक्का मंत्री ने तत्काल गमछा उतार दिया। जाट ने यहां तक कह दिया कि उनकी पार्टी का धार से सफाया होने तक चैन से नहीं बैठेंगे।
5.12 बजे : हार्डिया तेजी से बाहर निकल आए।