विज्ञापन
 
Home >> Madhya Pradesh >> Indore >> Crorepati Increases In Indore Madhya Pradesh

एक ऐसा इलाका जहां हुआ करते थे 195 करोड़पति, आज हैं 423

Dainik Bhaskar News | Apr 28, 2012, 02:00AM IST
 
 

इंदौर। इंदौर आयकर परिक्षेत्र (इंदौर-उज्जैन संभाग) में पिछले दो साल में करोड़पतियों की संख्या दोगुना से भी ज्यादा बढ़ गई है। आयकर विभाग द्वारा 31 मार्च तक की गई आयकरदाताओं के रिटर्न की जांच से यह खुलासा हुआ है। रोचक बात यह है कि पिछले एक साल में जहां करोड़पतियों की संख्या में 63 फीसदी का इजाफा हुआ, वहीं लखपति सिर्फ 42 फीसदी ही बढ़े हैं। इस समय आयकर परिक्षेत्र में जहां 8752 लखपति (10 लाख रु. से अधिक) हैं, वहीं 423 करोड़पति हैं। आयकर चीफ कमिश्नर सुरेंद्र मिश्रा के अनुसार करोड़पतियों की संख्या बढ़ने में रियल इस्टेट ग्रोथ का काफी हाथ है।

एमपीसीए की ‘आयकर मान्यता’ रद्द होगी- विभाग जल्दी ही म.प्र. क्रिकेट एसोसिएशन को आयकर छूट की श्रेणी से बाहर करने के आदेश दे सकता है। हाल ही में विभाग ने एमपीसीए से सात करोड़ रुपए जमा करवाए हैं जो उन्होंने आईपीएल के मैच और अन्य गतिविधियों से कमाए थे। आयकर आयुक्त श्री एस.के. आनंद के अनुसार एमपीसीए को इस वक्त 12-ए में रजिस्ट्रेशन प्राप्त है जिसके तहत उनकी कमाई को टैक्स फ्री माना गया है। हालांकि अब आदेश की समीक्षा कर रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया की जा रही है।

भू-माफिया के पांच सालाना रिटर्न की जांच- मुख्य आयकर आयुक्त के अनुसार शहर में गृह निर्माण संस्थाओं के माध्यम से जमीनी खेल खेलने वाले भू-माफिया के पांच सालाना रिटर्न की फाइल फिर से खोली गई है। इसमें बॉबी छाबड़ा, डागरिया, अजमेरा, शाह नामक कुछ नाम शामिल है। रिटर्न जांच में गड़बड़ी मिलती है तो इनसे आयकर वसूला जाएगा।

इंदौर आयकर रेंज से दूर हो रहे बड़े ग्रुप

आयकर इंदौर रेंज को लगातार झटके लग रहे हैं। कारण देश-विदेश में काम करने वाले नामी ग्रुप यहां से नाता तोड़ते जा रहे हैं। सबसे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंदौर का एसबीआई में विलय होने के कारण से उनका आयकर संबंधी कामकाज मुंबई पहुंच गया जिससे इंदौर रेंज को मिलने वाला करीब २क्क् करोड़ का टैक्स मुंबई शिफ्ट हो गया।

इधर, रुचि सोया ग्रुप पूरा कामकाज तो इंदौर से कर रहा है लेकिन आयकर संबंधी काम मुंबई आयकर रेंज में शुरू कर दिया। अब इंदौर के बड़े कोल ग्रुप भाटिया इंटरनेशनल ने भी आयकर अधिकारियों को आवेदन देकर असेसमेंट मुंबई आयकर में शिफ्ट करने का कहा है। श्री मिश्रा के अनुसार भाटिया ग्रुप से करीब १५क् करोड़ आयकर प्राप्त होता है। उन्होंने बताया इंदौर छोटी रेंज है यहां पर यदि कोई ग्रुप करोड़ों रुपए आयकर चुकाता है तो कई लोगों की नजरों में आ जाता है इसलिए ग्रुप अपना हेडक्वार्टर मुंबई में ही शुरू कर वहां रिटर्न फाइल करने लगे हैं।
 
 
 

आपके विचार
 
 
कोड:
7 + 2

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Sabse Bada Match Fixer Contest
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment