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एक ऐसा इलाका जहां हुआ करते थे 195 करोड़पति, आज हैं 423
Dainik Bhaskar News
| Apr 28, 2012, 02:00AM IST

एमपीसीए की ‘आयकर मान्यता’ रद्द होगी- विभाग जल्दी ही म.प्र. क्रिकेट एसोसिएशन को आयकर छूट की श्रेणी से बाहर करने के आदेश दे सकता है। हाल ही में विभाग ने एमपीसीए से सात करोड़ रुपए जमा करवाए हैं जो उन्होंने आईपीएल के मैच और अन्य गतिविधियों से कमाए थे। आयकर आयुक्त श्री एस.के. आनंद के अनुसार एमपीसीए को इस वक्त 12-ए में रजिस्ट्रेशन प्राप्त है जिसके तहत उनकी कमाई को टैक्स फ्री माना गया है। हालांकि अब आदेश की समीक्षा कर रजिस्ट्रेशन रद्द करने की प्रक्रिया की जा रही है।
भू-माफिया के पांच सालाना रिटर्न की जांच- मुख्य आयकर आयुक्त के अनुसार शहर में गृह निर्माण संस्थाओं के माध्यम से जमीनी खेल खेलने वाले भू-माफिया के पांच सालाना रिटर्न की फाइल फिर से खोली गई है। इसमें बॉबी छाबड़ा, डागरिया, अजमेरा, शाह नामक कुछ नाम शामिल है। रिटर्न जांच में गड़बड़ी मिलती है तो इनसे आयकर वसूला जाएगा।
इंदौर आयकर रेंज से दूर हो रहे बड़े ग्रुप
आयकर इंदौर रेंज को लगातार झटके लग रहे हैं। कारण देश-विदेश में काम करने वाले नामी ग्रुप यहां से नाता तोड़ते जा रहे हैं। सबसे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंदौर का एसबीआई में विलय होने के कारण से उनका आयकर संबंधी कामकाज मुंबई पहुंच गया जिससे इंदौर रेंज को मिलने वाला करीब २क्क् करोड़ का टैक्स मुंबई शिफ्ट हो गया।
इधर, रुचि सोया ग्रुप पूरा कामकाज तो इंदौर से कर रहा है लेकिन आयकर संबंधी काम मुंबई आयकर रेंज में शुरू कर दिया। अब इंदौर के बड़े कोल ग्रुप भाटिया इंटरनेशनल ने भी आयकर अधिकारियों को आवेदन देकर असेसमेंट मुंबई आयकर में शिफ्ट करने का कहा है। श्री मिश्रा के अनुसार भाटिया ग्रुप से करीब १५क् करोड़ आयकर प्राप्त होता है। उन्होंने बताया इंदौर छोटी रेंज है यहां पर यदि कोई ग्रुप करोड़ों रुपए आयकर चुकाता है तो कई लोगों की नजरों में आ जाता है इसलिए ग्रुप अपना हेडक्वार्टर मुंबई में ही शुरू कर वहां रिटर्न फाइल करने लगे हैं।





