इंदौर। सीएचएल अपोलो अस्पताल में भर्ती एक साल की बच्ची को स्टाफ ने बॉटल (सलाइन) के साथ एक्सपायर्ड (समापन तिथि) का इंजेक्शन चढ़ा दिया। बच्ची के पिता खाली इंजेक्शन की तारीख देख चौंक गए। बेटी को चढ़ी बॉटल बंद करवाकर वे शिकायत करने ड्यूटी डॉक्टर के पास पहुंचे तो कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद परिजनों ने बच्ची को दूसरे अस्पताल में भर्ती करवा दिया।
बंगाली चौराहे स्थित शुभ-लाभ वैली में रहने वाले शिवेंद्र दुबे जेएसडब्ल्यू स्टील कंपनी के सेल्स विभाग में जूनियर मैनेजर हैं। उनकी सालभर की बेटी अर्पिता को रविवार सुबह बुखार आ गया। दोपहर 12 बजे वे बेटी का इलाज कराने पत्नी प्रतीक्षा के साथ सीएचएल अस्पताल पहुंचे। डॉक्टर मनीष जैन ने अर्पिता को भर्ती कराने का कहा। दुबे ने बताया दोपहर साढ़े तीन बजे अर्पिता को बॉटल चढ़ रही थी। इस बीच नर्स संगीता ने इंजेक्शन देने की बात कही। उसने ऑनडैनसेट्रॉन (ऑनसेट कंपनी) नाम का इंजेक्शन बॉटल में खाली कर दिया और फूटे इंजेक्शन को डस्टबिन में डालकर चली गई। उन्होंने डस्टबिन से फूटा इंजेक्शन उठाकर देखा तो एक्सपायर्ड निकला। इस पर सलाइन बंद कर स्टाफ को बुलाया। वे बॉटल निकालकर साथ ही ले गए।