बाढ़ में 14 घंटे फंसे रहे 170 लोग

डिंगरोदा (देवास)। जिला मुख्यालय से करीब 45 किमी दूर मक्सी-उज्जैन मार्ग पर डिंगरोदा के समीप टिलर नदी के उफान पर आने से एक बस सहित चार वाहन 14 घंटे तक बाढ़ में फंसे रहे। नदी के बाद वाहनों के पीछे एक नाला भी उफान पर आ गया, जिससे 102 लोग चारों तरफ पानी से घिर गए। प्रशासन के अमले ने छह घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रविवार शाम करीब चार बजे सभी लोगों को सुरक्षित निकाला।
इस जगह से कुछ ही दूरी पर एक बस और पानी से घिर गई। तराना पुलिस और प्रशासन ने ग्रामीणों की मदद से उस बस में से 6८ लोगों को सुरक्षित निकाला। हालात को देखते हुए भोपाल से सेना को भी बुलाया गया। रविवार सुबह घटना की जानकारी मिलते ही मक्सी टीआई, शाजापुर एसडीओपी रवि अतरोलिया व विधायक दीपक वर्मा भी मौके पर पहुंचे, लेकिन नाव नहीं होने से कोई बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका। सुबह 10.30 बजे देवास से सीएसपी महेंद्र तारणोकर, आरआई एस.के उपाध्याय शहर के तैराक सौरभ कहार व बल के साथ नाव लेकर मौके पर पहुंचे।
नाव से सबसे पहले महिलाओं और बच्चों को इस पार लाया गया। इसके बाद दोपहर करीब 12.30 बजे उज्जैन से दूसरी नाव मौके पर पहुंची। इससे बचाव कार्य में थोड़ी तेजी आई। इसके बाद दो और नाव इंदौर से भी मौके पर आई। नाव से इस पार आने वाले यात्रियों के चेहरे पर खौफ साफ नजर आया। कुछ लोगों ने तो बात करने तक से मना कर दिया।
उधर हालात को देखते हुए भोपाल से सेना रवाना की गई। करीब चार बजे सेना के अधिकारी मौके पर पहुंचे तब रेस्क्यू टीम सभी यात्रियों को नदी के उस पार से इस पार सुरक्षित ले आई थी।
दूसरी बस के यात्रियों को कायथा की ओर निकाला : भिंड जा रही बस के पीछे का नाला उफान पर आने के बाद सुबह के समय एक बस कायथा की ओर आकर रुक गई। थोड़ी देर हुई ही थी कि उस बस के पीछे का एक ओर नाला भी उफान पर आ गया। इससे वह बस भी पानी में घिर गई। बस के पीछे नाले का जलस्तर कम होने के बाद काली तलाई पिपलिया और लक्ष्मीनगर की ओर से तराना एसडीओपी सहित प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों की मदद से 68 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया।
पुलिया धंसी, 13 किमी उलटी गई रतलाम-महू ट्रेन
निर्माणाधीन पुलिया व ट्रैक की मिट्टी धंसने से रतलाम-महू के बीच छोटी लाइन की तीन ट्रेनें जहां की तहां रोकनी पड़ी। एक ट्रेन को तो घटनास्थल से 13 किमी तक उलटा ले जाना पड़ा। तीन घंटे तक ट्रेनें रुकने से यात्री जरूर परेशान हुए लेकिन की मैन व ट्रेन चालक की तत्परता से रतलाम-महू पैसेंजर ट्रेन दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई। घटना फतेहाबाद स्टेशन से दो किमी दूर (रतलाम की ओर) पुलिया नं. 534 पर हुई।
शाजापुर जिले में बाढ़ से हालात गंभीर
प्रदेश में चार दिनों से हो रही बारिश अब विकराल रूप लेती जा रही है। नदियां उफान पर हैं। शाजापुर, विदिशा, सीहोर, रायसेन, होशंगाबाद, इटारसी जिलों में हजारों गांवों के डूबने का खतरा बन गया है। शाजापुर जिले में बाढ़ से हालात गंभीर हैं। शाजापुर व रायगढ़ जिले में करीब 15 गांव डूब में आ चुके है। यहां बचाव कार्य के लिए सेना बुलाई गई है। मुख्यमंत्री सोमवार को जिले का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।
इंदौर में नौ साल का रिकॉर्ड टूटा
इंदौर में शनिवार रात को भी तेज बारिश हुई, जबकि रविवार को दिनभर फुहारें भिगोती रहीं। रविवार रात 11.30 बजे तक 16.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। पिछले एक दशक में जुलाई माह में इससे ज्यादा बारिश (16.90 इंच) 2003 में हुई थी। जुलाई में इंदौर की औसत बारिश 14.22 इंच मानी जाती है। हालांकि यह माह खत्म होने में दो दिन शेष हैं और 16 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस अवधि तक का आंकड़ा 11.07 इंच है।
आगे क्या
मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी सिस्टम ऊपर की ओर जा रहा है, फिर भी अगले 24 घंटे में छिटपुट बारिश के आसार हैं। एक और सिस्टम सक्रिय है जो मप्र में अच्छी बारिश करेगा।








