इंदौर। अगर थिंकिंग में फ्रीक्वेंसी मैच कर रही हो तो फेंड्रशिप हो जाती है स्पेशल। शहर में कुछ लोगों के एक्सपीरियंस ऐसे ही हैं। जब साथ मिलकर कोई बिजनेस शुरू किया, एनजीओ स्टार्ट करने के जॉइंट एम्बिशन की बात आई या फिर जब बॉन्डिंग और बढ़ानी थी तो इन लोगों ने इनिशिएटिव लिया। इन्होंने फ्रेंडशिप को रिश्तेदारी में एक्सटेंड कर दिया।
कंपनी को दिया दोस्ती का नाम- एमबीए कर चुकी चेतना वर्मा और तरुण शर्मा ने अपनी वेबसाइट डेवलपिंग कंपनी दो साल पहले शुरू की है। चेतना बताती हैं कि उन्होंने इस कंपनी को ‘चेतरु’ नाम दिया है। वे और तरुण सात साल से इसमें काम कर रहे हैं। चेतना कहती हैं कि हमारी सोच मिलती है। बॉन्डिंग भी स्ट्रॉन्ग है।
दोनों के एम्बिशन भी एक से थे। लिहाजा, हमने हमारे ही नाम पर ये कंपनी खोली। स्ट्रॉन्ग अंडरस्टैंडिंग के कारण कभी बिजनेस में क्लैश नहीं हुआ। तरुण की मैनेजमेंट कैपेसिटी अच्छी है। मेरी स्ट्रेंथ है पब्लिक रिलेशंस। दोनों ने हमेशा एक-दूसरे को सपोर्ट किया। कभी एक-दूसरे के काम में दखल नहीं दिया। तरुण भी बताते हैं इसी वजह से आज इस कंपनी के रूप में हमारी एक्सटेंडेड फ्रेंडशिप अच्छी चल रही है।