एक हत्यारा फ्लोर, जहां थम गई एक और सांस

इंदौर। सुंदरम टॉवर में हुई लूट और गार्ड की हत्या बदमाशों ने पूरी प्लानिंग से की। उन्हें पता था कि गार्ड के पास ही ऑफिस की चाबी रहती है इसीलिए छुट्टी का दिन चुना। इसी बिल्डिंग में पांच साल पहले इसी प्रकार गार्ड की हत्या कर लूट की गई थी, जिसके हमलावर पकड़े जा चुके हैं। वह गार्ड भी इसी फ्लोर पर रहता था। पुलिस उनकी जानकारी निकाल रही है।
रिलायंस लाइफ इंश्योरेंस के रीजनल मैनेजर अशोक यादव ने बताया बिल्डिंग में सिर्फ उन्हीं का ऑफिस है। एक साल से बाकी फ्लोर खाली हैं। रविवार को अमूमन ऑफिस बंद रहता है। गार्ड के पास ही ऑफिस की चाबी रहती है और जो भी आखिरी में ऑफिस से निकलता है, वही गार्ड से ताला लगवाता है। फिर कागज की सील लगाकर हस्ताक्षर करता है।
इस आधार पर पुलिस का मानना है बदमाशों को यह जानकारी भी थी, जिसके चलते उन्होंने गार्ड नंदकुमार को काबू में कर ऑफिस खुलवाया होगा। बाद में अंदर ले गए। कैबिन का गेट नहीं खुला तो किसी चीज से कांच फोड़कर घुसे और तिजोरी उखाड़ ली। ऑफिस के बाकी दराज खुले मिले हैं लेकिन पुलिस इसे दिखावा मानकर चल रही है।
शाम 4.10 से 8 बजे के बीच हुई हत्या- डीएसपी क्राइम जितेंद्रसिंह ने बताया पूछताछ के दौरान एक सेल्समैन शैलेष त्रिपाठी भी वहां पहुंचा। उसने बताया 3.05 बजे ऑफिस आया था। कुछ काम निपटाकर 4.10 बजे चला गया था। इसकी एंट्री रजिस्टर में है। नंदकुमार को उसके चाचा हंसलाल यादव ने रात करीब आठ बजे फोन किया लेकिन मोबाइल रिसीव नहीं हुआ।
दो साल से यहां रह रहा था
खबर मिलते ही नंदकुमार के चाचा हंसलाल वहां पहुंचे। वे एमजी रोड की एक होटल में सिक्युरिटी सुपरवाइजर हैं। उन्होंने बताया वह मूल रूप से मंडला के पास बनिया गांव का रहने वाला था और दो साल से उन्हीं के यहां स्वर्णबाग कॉलोनी में रह रहा था। उन्होंने उसकी नौकरी लगवाई थी। घर में पिता, मां और छोटा भाई शिवकुमार हैं।
तब निर्माणाधीन थी बिल्डिंग
टीआई जयंत राठौर ने बताया 2007 में जब यह बिल्डिंग बन रही थी तभी इसमें इसी फ्लोर पर गार्ड की हत्या कर कुछ सामान लूटा गया था। तब पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस उनकी जानकारी निकाल रही है।







