इंदौर/नई दिल्ली . इंदौर के नए प्रभारी मंत्री गोपाल भार्गव द्वारा खुद को ‘इंदौर का मुख्यमंत्री’ और स्थानीय भाजपा नेता सुमित्रा महाजन और उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को ‘जूनियर’ बताने संबंधी बयान पर दोनों नेता तूल देने के मूड में नहीं हैं। शनिवार को भार्गव की सुमित्रा महाजन से मुलाकात हुई। कैलाश विजयवर्गीय भी इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से कतरा रहे हैं। सुमित्रा महाजन ने कहा ‘मुझे मालूम नहीं भार्गव ने यह बयान किस संदर्भ में दिया है। जहां तक ‘ताई-भाई’ का सवाल है, यह जुमला पार्टी संगठन के कुछ लोग बनाकर फैला रहे हैं।गोपाल भार्गव एक समझदार व्यक्ति हैं। मेरा विश्वास है कि वे इंदौर के प्रभारी मंत्री के तौर पर सफल होंगे।
मेरा विकास कार्यो में उन्हें पूर्ण समर्थन रहेगा।’ कैलाश विजयवर्गीय ने भार्गव के बयान पर टिप्पणी से बचते हुए कन्नी काट ली। उनके रूख से साफ था कि वे फिलहाल इंदौर के नए प्रभारी मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देकर किसी प्रकार के विवाद में पड़ना नहीं चाहते। प्रभारी बनकर इंदौर पहुंचने पर भार्गव ने कहा था कि ‘शहर में अब ‘ताई-भाई’ गुट नहीं चलेगा, केवल ‘भाजपाई गुट’ काम करेगा। मंत्री-सांसद दोनों मुझसे जूनियर हैं। प्रभारी मंत्री के तौर पर मुख्यमंत्री ने ‘इंदौर का मुख्यमंत्री’ बनाकर भेजा है।