अपराधों में इंदौर का देश में चौथा नंबर, टॉप 10 में एमपी के 4 शहर

इंदौर। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने उस आशंका पर मुहर लगा दी है, जो हर शहरवासी के दिल में थी। ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक क्राइम रेट के मामले में इंदौर देश के 53 बड़े शहरों में चौथे नंबर पर है। 2011 की इस रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल इंदौर में प्रति एक लाख आबादी पर 669.3 अपराध दर्ज किए गए। पिछले साल इंदौर दूसरे नंबर पर था, यह देखते हुए हमारी रैंकिंग में सुधार हुआ है फिर भी यहां अपराधों की संख्या बढ़ी है।
सिर्फ मध्यप्रदेश को देखा जाए तो यहां ग्वालियर पहले और भोपाल पांचवें नंबर पर है। 28 जून 2012 को जारी इस रिपोर्ट के अनुसार संज्ञेय अपराधों की इस लिस्ट में मध्यप्रदेश देश में पांचवें नंबर पर है। बीते साल प्रदेश में 2 लाख 17 हजार 094 अपराध दर्ज किए गए। डीबी स्टार ने इसके कारणों का अध्ययन किया तो साफ हो गया कि जिस रफ्तार से शहर का महानगरीकरण हो रहा है, उस रफ्तार से पुलिस विभाग में सुधार नहीं हो रहा है।
क्राइम रेट में टॉप 10 शहरों में मध्यमप्रदेश के चार शहर
शहर-----अपराध हुए-----जनसंख्या-----क्राइम रेट-----रैंक(लाख में)
कोच्चि-----34658-----21.18-----1636.4-----1
ग्वालियर-----7816-----11.2-----709.3-----2
दुर्ग-भिलाई-----7262-----10.64-----683.0-----3
इंदौर-----14504-----21.67-----669.3-----4
भोपाल-----12570-----18.83-----667.6-----5
जयपुर -----18897-----30.73-----614.9-----6
कोल्लम-----34658-----21.18-----580.2-----7
रायपुर-----6222-----11.23-----554.1-----8
जबलपुर-----6560-----12.68-----517.4-----9
विजयवाड़ा-----7225-----14.91-----484.6-----10
पुलिस का विकास भी जरूरी
इंदौर शहर का तेजी से महानगरीकरण हो रहा है, लेकिन पुलिस अब भी पुराने र्ढे से ही काम कर रही है जो अपराध बढ़ने का मुख्य कारण है। इसके संबंध में मुख्यमंत्री से मैंने चर्चा की थी। कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद स्थिति में सुधार आएगा, साथ ही अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस का महानगरीकरण होना भी जरूरी है, इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग की जरूरत है। - गोपाल भार्गव, प्रभारी मंत्री






