विज्ञापन
 
Home >> Madhya Pradesh >> Indore >> News >> Indore Is Unsafe For Woman

यहां हर दूसरे दिन रेप, दसवें दिन होती है दहेज हत्या

अविनाश रावत | Aug 23, 2012, 02:46AM IST
 
 


इंदौर। इंदौर देश के उन 10 शहरों में शामिल है, जहां महिलाएं सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की ताजा रिपोर्ट के अनुसार यहां रोजाना किसी महिला से छेड़छाड़, हर दूसरे दिन ज्यादती और हर 10 दिन में दहेज के नाम पर हत्या होती है। रिपोर्ट बताती है कि वर्ष 2011 में यहां ज्यादती के 129 और अपहरण तथा यौन शोषण के 52 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2009 में यह आंकड़ा क्रमश: 82 और 29 ही था। इससे भी बड़ी चिंता की बात यह है कि इस साल सिर्फ जुलाई तक दर्ज किए गए मामलों की संख्या 2009 के आंकड़ों से आगे निकल चुकी है।
 
इस साल सात महीने में ही 2009 से ज्यादा अपराध
 
प्रदेश की बात की जाए तो क्राइम अगेंस्ट वुमन में शहर का पहला स्थान है। 2011 में प्रदेश में रेप, अपहरण, दहेज हत्या जैसे 16599 संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए थे और क्राइम रेट 22.9 रहा था। इसी दौरान शहर में ऐसे 753 अपराध हुए और क्राइम रेट 34.7 तक जा पहुंचा। रिपोर्ट के मुताबिक 2009 में रेप के कुल 82 मामले सामने आए थे जबकि 2011 में यह आंकड़ा 91 हो गया। इन दो वर्षो में अपहरण और यौन शोषण के मामले 29 से बढ़कर 52 हो गए। पति और परिजन द्वारा हिंसा 2009 के मुकाबले कम हुई, लेकिन यह 2010 से ज्यादा है। इसी तरह यौन उत्पीड़न के मामले कम हुए हैं और छेड़छाड़ के मामले बढ़े हैं। प्रदेश में दूसरे स्थान पर जबलपुर, तीसरे पर ग्वालियर और चौथे पर राजधानी भोपाल है। देश में इन शहरों का क्रमश 11वां, 12वां और 20वां स्थान है।
 
इस साल भी हालात चिंताजनक
 
एनसीआरबी की रिपोर्ट के अलावा पुलिस रिकॉर्ड भी शहर में हर दूसरे दिन रेप, हर दसवें दिन दहेज हत्या की बात कहता है। जनवरी से जुलाई 2012 तक रेप के 95, अपहरण के 31, दहेज हत्या के 15 और दहेज प्रताड़ना के 243 मामले दर्ज हो चुके हैं। इन सात माह में छेड़छाड़ के 255 मामले भी सामने आए हैं।
 
पीड़ितों से जुटाएंगे जानकारी
 
महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में बढ़ोतरी के कारण और बाद की स्थिति जानने के लिए पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग की मदद से एक शोध करवाने जा रहा है। इसमें इंदौर स्कूल ऑफ सोशल वर्क्‍स तथा यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ लॉ के छात्रों की मदद ली जाएगी। इसके लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करवा ली गई है, जो जल्द ही महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दी जाएगी। इस शोध के दौरान छात्र-छात्राएं ज्यादती व छेड़छाड़ पीड़िताओं से मिलकर रिपोर्ट तैयार करेंगे।
 
सामाजिक व नैतिक मूल्यों में गिरावट आ रही है
 
सामाजिक व नैतिक मूल्यों में गिरावट महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों की मुख्य वजह है। हम यह भी कह सकते हैं कि महिलाओं में जागरूकता आ रही है। पहले वे अपने हितों के प्रति जागरूक नहीं थीं, लेकिन अब हो रही हैं। इसके चलते वे शिकायत करने लगी हैं जिससे हमें संख्या बढ़ी हुई दिख रही है। संयुक्त परिवारों में विघटन और एकांकी परिवार भी महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों का कारण हैं। - डॉ टीआर सेठ, रिटायर्ड प्रोफेसर व सामाजिक बदलावों के अध्ययनकर्ता

 
 
 

आपके विचार
 
 
कोड:
4 + 9

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Job Alerts
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment