पहले दिन छोटे उद्योगों को बड़ी राहत, 3 हजार करोड़ का पैकेज

इंदौर। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के पहले दिन हुए सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यमी (एमएसएमई) सम्मेलन में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रदेश के छोटे उद्योगपतियों के लिए कई राहतों की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने समिट का उद्घाटन करते हुए लघु उद्योगों पर नगरीय निकायों द्वारा लगने वाला निर्यात कर समाप्त कर दिया। औद्योगिक क्षेत्रों की दशा सुधारने के लिए 3000 करोड़ का पैकेज देने की भी बात कही। पहले दिन 670 करोड़ रुपए के 113 करार हुए जिससे साढ़े छह हजार लोगों को रोजगार मिलेगा।
प्रदेश के छोटे उद्योगपतियों को उन्नत तकनीकी देने के लिए सरकार ने आईआईटी इंदौर से 10 करोड़ रुपए का एमओयू साइन किया है। आईआईटी छोटे उद्योगपतियों को विश्व की सर्वश्रेष्ठ उद्योग टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराएगी जिससे छोटे उद्योगपति गुणवत्ता के मामले में विश्व बाजार का मुकाबला कर सकें। उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि सम्मेलन में 1128 करोड़ रुपए के एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) सामने आए हैं, जो भविष्य में करार में तब्दील होंगे। इससे प्रदेश में 22 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। छोटे उद्योगों के लिए विशेष तौर पर समर्पित इस समिट के पहले दिन प्रदेशभर से करीब एक हजार उद्योगों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
आईटीआई प्रशिक्षित किसी काम के नहीं
कार्यक्रम में देश के मुख्य सूचना आयुक्त सत्यानंद मिश्रा ने कहा प्रदेश के आईटीआई से औद्योगिक प्रशिक्षण लेकर निकल रहे नौजवान किसी काम के नहीं हैं। उन्हें ठीक से मशीन चलाना भी नहीं आता। औद्योगिक शिक्षा प्रणाली में काफी सुधार की जरूरत है जिससे उद्योगों को ट्रेंड मैन पॉवर मिल सके।
समिट में हुई घोषणाएं और उनके मायने
ब्याज अनुदान योजना बनेगी- उद्योगपति द्वारा बैंक से लिए गए लोन पर लगने वाले ब्याज की राशि भरने के लिए सरकार 25 हजार रुपए सालाना और तीन साल के लिए अधिकतम 75 हजार रुपए की सहायता देती है। सरकार योजना का दायरा बढ़ाएगी।
छोटे उद्योग लगाने पर सभी जिलों में सी श्रेणी की सुविधा मिलेगी : यानी पिछड़े जिलों में मिलने वाली राहतें अब सभी जिलों में मिलेगी।
रिवर्स बायर्स सेलर्स मीट तीन शहरों में- ग्वालियर, भोपाल व जबलपुर में होगी। इन शहरों में प्रदेश के छोटे उद्योगपति अपने उत्पादों की मार्केटिंग अन्य राज्यों से आए खरीददारों से करेंगे। इससे लघु उद्योगों व उनके उत्पादों की मार्केटिंग अन्य राज्यों में होगी।
फीडर सेपरेशन लाभ- अभी भी 22 औद्योगिक क्षेत्र ग्रामीण फीडर से जुड़े हैं, जहां कटौती होती है। फीडर सेपरेशन से कटौती से मुक्ति मिलेगी।
संभाग स्तर पर समिट होगी- इससे पिछड़े जिलों में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।
बीमा होगा- 15 हजार बुनकर व शिल्पियों का बीमा हो रहा है, इससे इन्हें आर्थिक लाभ होगा।
500 लघु व मध्यम उद्योगों के लिए वेण्डर्स डेवलपमेंट कार्यक्रम- इससे सप्लायर्स को लाभ होगा और उनकी मार्केटिंग होगी।
...और एक अपील
भाषण के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा 'सभी उद्योगपतियों से भावुक अपील करता हूं कि जितना हो निवेश करो। न सिर्फ उद्योग लगाओ बल्कि पड़ोसी को भी उद्योग लगाने के लिए प्रेरित करो। परेशानी किसी को नहीं आने दी जाएगीÓ।
आज मुख्य समारोह
मुख्य समारोह का उद्घाटन सोमवार को सुबह दस बजे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज करेंगी। इस अवसर पर रिलायंस धीरूभाई अंबानी समूह के चेयरमैन अनिल अंबानी, गोदरेज समूह के आदी गोदरेज,फोर्स मोटर्स के डॉ अभय फिरोदिया,फ्यूचर (बिग बाजार) ग्रुप के किशोर बियाणी, आदित्य बिरला ग्रुप के कुमार मंगलम बिरला के साथ ही 22 देशों के राजदूत और उद्योग प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
- मंच पर करीब 54 वीवीआईपी उद्घाटन सत्र के दौरान बैठेंगे।
- करीब 15 देशों के राजदूत शामिल होंगे।
- 700 कॉरपोरेट कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
- सभी मेहमान अधिकारी मिलाकर करीब ढाई हजार लोग समिट स्थल पर मौजूद रहेंगे।
मुख्यमंत्री जी, आपका कॉम्पीटिशन नरेंद्र मोदी से है : अग्रवाल
फेडरेशन ऑफ मप्र चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और भास्कर ग्रुप के चेअरमैन रमेशचंद्र अग्रवाल ने बतौर विशेष अतिथि संबोधित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा विकास के मामले में आपका मुकाबला नरेंद्र मोदी से है क्योंकि ऑटो सेक्टर गुजरात का रुख कर रहा है। उन्होंने खुशी जताई कि जिस राज्य को कोई निवेश लायक नहीं समझता था आज देश-विदेश में उसका नाम निवेश के क्षेत्र में लिया जा रहा है।
समिट में हुई घोषणाएं और उनके मायने
निर्यात कर की समाप्ति : नगरीय निकायों की सीमा में उद्योगों द्वारा बेचे जाने वाले माल पर करीब एक फीसदी कर लगता है। इसे लेकर उद्योगपति कोर्ट गए हैं। ऐसे में इसे हटाकर सरकार उद्योगपतियों के करीब आई है।
तीन हजार करोड़ का पैकेज : इससे औद्योगिक क्षेत्रों में पानी, बिजली, सड़क, ड्रेनेज जैसी सुविधाएं बढ़ेंगी।
युवा उद्यमी के लिए ऋण गारंटी योजना : लघु उद्योग पांच करोड़ की सीमा वाले होते हैं। जमीन और निर्माण पर करीब एक करोड़ खर्च होता है। शेष चार करोड़ का 25' उद्यमी को लगाना होगा। 75' बैंक लोन होगा, जिस पर गारंटी सरकार लेगी।
लघु उद्योगों के लिए जमीन आरक्षित : औद्योगिक क्षेत्रों में लघु उद्योगों के लिए जमीन आरक्षित होने से सहायक उद्योग विकसित हो सकेंगे।
थ्रस्ट सेक्टर में उद्योग लगाने पर ज्यादा अनुदान : यह वह क्षेत्र हैं जहां उद्योगपति उद्योग नहीं लगाते। ऐसे क्षेत्रों के लिए अनुदान सीमा 15 लाख से बढ़ाकर 30 लाख की।
आईआईटी से करार : लघु उद्योगों को नई तकनीक मिलेगी। हालांकि लघु उद्योग संघ चाहता है जगह व आर्थिक सहायता जिससे वह कुशल कारीगर बना सकें।
आज तीन लाख करोड़ के एमओयू होंगे
सोमवार को समिट में कुल तीन लाख करोड़ रुपए के एमओयू होने जा रहे हंै जो पिछली दोनों इन्वेस्टर्स समिट से अधिक है। एमओयू की संख्या दो सौ से अधिक होगी। एमटेक स्टील सीमेंट नौ हजार करोड़ रुपए का सबसे बड़ा एमओयू करेगा। जेपी ग्रुप करीब 1600 करोड़ के निवेश करार पर हस्ताक्षर करेगा। टूरिज्म सेक्टर में भी आकृति ग्रुप 75 करोड़ रुपए के निवेश दस्तावेज सरकार को सौंपेगा। ग्रुप प्रदेश में रिसोर्ट खोलेगा। हुडको, एमपीपीसी, वीआईटी, टेबा कंपनी भी एमओयू करेंगी। कुल दस सेक्टर में एमओयू होंगे। इंदौर में 2007 में हुई इन्वेस्टर्स समिट में 1.25 लाख करोड़ के 102 एमओयू हुए थे। 2010 में दूसरी समिट के दौरान खजुराहो में 2.35 लाख करोड़ के 107 एमओयू हुए थे।








