सात एकड़ के धोबीघाट के लिए निगम पिटिशन लगाना भूला
इंदौर। लालबाग के समीप सात एकड़ के धोबी घाट (कर्बला मैदान) के मामले में नगर निगम हाई कोर्ट में रिट पिटिशन लगाना ही भूल गया। 20 दिसंबर को जिला कोर्ट मामले की अंतिम सुनवाई कर फैसला सुनाने वाली थी। इस बीच हिंदू महासभा और मालवीय समाज पंचायत को जानकारी लगी तो वे इंटरविनर बन गए। कोर्ट ने दोनों संस्थाओं के आवेदन पर 14 जनवरी को सुनवाई करना तय किया है। इससे 20 दिसंबर को आने वाला फैसला इंटरविनर याचिका के लगने से आगे बढ़ गया है। इसके पहले जिला कोर्ट ने नगर निगम की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें वह जमीन को अपनी बताने के लिए और सबूत पेश करना चाहती थी।
यह है मामला
नगर निगम ने 17 जनवरी 1979 को इस जमीन पर दावा जताया था। तत्कालीन प्रशासक ने पंच मुसलमान कर्बला मैदान, गुलाम मोहम्मद पिता कमरूद्दीन, कुर्बान हुसैन और मप्र वक्फ बोर्ड को प्रतिवादी बनाया था। सुनवाई होती रही। इस बीच निगम ने अंतिम सुनवाई से पहले एक और याचिका जिला कोर्ट में दायर की। इसमें मालिकाना हक साबित करने के लिए और भी गवाह पेश करने की बात कही। कोर्ट में सितंबर 2012 में यह कहकर याचिका खारिज कर दी कि निगम को पक्ष रखने के लिए बहुत अवसर दिए जा चुके हैं। अब 20 दिसंबर को अंतिम सुनवाई कर फैसला सुनाया जाएगा। निगम के वकील सुभाष त्रिवेदी ने निगम के विधि अधिकारी को रिट पिटिशन लगाने की जानकारी समय रहते ही भेज दी थी। इसके बावजूद हाई कोर्ट नहीं जा पाए।
इंटरविनर याचिका से बची जमीन
हिंदू महासभा के प्रेमसिंह सोलंकी, प्रिंसपाल टोंग्या, निलेश दुबे और मालवीय धोबी समाज पंचायत की ओर से बाबूलाल चौहान, रामकृष्ण सोलंकी की इंटरविनर याचिका एडवोकेट देवेंद्र पेंड्से ने दायर की है। दोनों संस्थाओं ने भी जमीन पर हक जताया है। 14 जनवरी को इस याचिका पर सुनवाई होगी।
अब याचिका लगा देंगे
सभी इंटरविनर शनिवार को सभापति राजेंद्र राठौर से मिले। उन्हें निगम द्वारा रिट पिटिशन नहीं लगाने की बात बताई। राठौर ने निगमायुक्त राकेशसिंह से चर्चा की। निगमायुक्त ने विधि अधिकारी बीएल कासट को जल्द रिट पिटिशन दायर करने के निर्देश दिए। इधर, कासट का कहना है कि हम तैयार थे। दस्तावेज नहीं मिल रहे थे। पिटिशन का समय निकल गया है, लेकिन इस माह याचिका हाई कोर्ट में लगा देंगे।






