एसबीआई में जाने से पहले जरा इस खबर को जरूर पढ़ लें

इंदौर। एसबीआई सहित अधिकतर राष्ट्रीयकृत बैंकों में कोर बैंकिंग अब औपचारिक बनती जा रही है। यह सुविधा शुरू करते वक्त कहा गया था कि लोगों को अब उस ब्रांच का बंधन नहीं रहेगा, जहां उनका खाता है। परंतु अब ऐसा हो नहीं रहा। लोग बैंकों में लाइन में लगने के बाद खिड़की तक पहुंचते हैं तो उन्हें नियमों का हवाला देकर कहा जाता है कि जहां खाता है, वहीं जाओ। कुछ नियमों को एसबीआई के हेड ऑफिस से क्लियर करने के बाद भी स्थानीय ब्रांच में लोगों को परेशान किया जाता है। कुछ नियम खिड़की पर जाते ही अचानक पता चलते हैं जिससे ग्राहक परेशान होते रहते हैं।
इस तरह आती हैं परेशानियां
चेक लेकर आओ- वी. कुमार पत्रकार कॉलोनी चौराहा स्थित एसबीआई ब्रांच पहुंचे और एनईएफटी (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर) से महाराष्ट्र के यूनियन बैंक खाते में पैसा पहुंचाने को कहा। क्लर्क ने बताया कि जिस बैंक में खाता है वहां जाओ। यहां से पैसा ट्रांसफर नहीं हो सकेगा। श्री कुमार अपनी होम ब्रांच (जहां खाता है) जीपीओ पहुंचे। यहां महिला बैंक क्लर्क ने बताया कि बिना चेक बुक के फंड ट्रांसफर नहीं हो पाएगा। श्री कुमार ने काफी बहस की, जब जाकर फंड ट्रांसफर हो सका।
यहां चेक ड्रॉप मत करो- एसबीआई की एबी रोड स्थित ब्रांच में आलोक शर्मा चेक ड्रॉप करने पहुंचे। क्लर्क ने पूछा कि आपका खाता किस ब्रांच में है तो श्री शर्मा ने जवाब दिया पीवाय रोड ब्रांच में। क्लर्क ने कहा कि यहां ड्रॉप करोगे तो चेक कभी क्लियर नहीं होगा। अपनी ब्रांच में जाकर ड्रॉप करो। मजबूरी में श्री शर्मा को पीवाय रोड वाली ब्रांच में जाकर चेक ड्रॉप करने पड़ा। पत्रकार कॉलोनी चौराहा स्थित ब्रांच के ड्रॅाप बाक्स पर यह लिखकर रखा है।
पास बुक एंट्री का चार्ज-मनोहर ने कुछ दिन पहले वायएन रोड ब्रांच में अपनी पास बुक अपडेट करवाने के लिए दी तो कहा गया कि जिस ब्रांच में खाता है, वहां जाओ। यहां कराओगे तो 10 रुपए देने पड़ सकते हैं। गौरतलब है कि पास बुक एंट्री से चार्ज हटा दिया गया है। अब फ्री में किसी भी एसबीआई ब्रांच में पास बुक में एंट्री करवाई जा सकती है।
नियमों का पालन हो रहा
चीफ मैनेजर जनरल, (बैकिंग) स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंदौर के अनुसार बैकिंग में आने वाले समय में काफी परिवर्तन आने वाले हैं, इसी को लेकर नियमों में लगातार बदलाव हो रहा है। जो भी शासन ने निर्देश प्राप्त हो रहे हैं, उनका पालन किया जा रहा है।
...और यह भी
- दूसरी ब्रांच में जाकर अपने अकाउंट में पैसा जमा किया तो कम से कम 25 रुपए लग रह हैं।
- कोर बैंकिंग का उपयोग करते हुए आप दूसरे शहर की ब्रांच से पैसा नहीं निकाल सकते। आपको मल्टी सिटी चेक बुक की जरूरत होगी। इस नियम की आड़ में बैंक क्लर्क आपको उसी शहर की ब्रांच से भी पैसा निकालने से रोकते हैं। यह नियम विरुद्ध है।
- आरबीआई के अनुसार बिना बैंक खाता वालों को भी एनईएफटी और आरटीजीएस (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट यानी फंड ट्रांसफर) की सुविधा मिलना चाहिए लेकिन बैंक मना कर देते हैं।







