इकलौते बेटे की मौत के बाद माता-पिता ने किया बड़ा काम

इंदौर।इस दुनिया में अब गुंजन तो नहीं रहा लेकिन उसकी आंखें किसी और के अंधेरे जीवन को रोशन करेंगी। इकलौते बेटे की मौत के बाद परिजन ने आंखें दान कर दीं। रविवार को कूलर से करंट लगने के कारण उसकी मौत हो गई।
ऊषानगर एक्सटेंशन निवासी गुंजन (२क्) पिता गोपाल राठी सुबह करीब ११ बजे घर में अकेला था। तभी कू लर से उसे करंट लग गया। गिरने की आवाज सुनकर पड़ोसी उसके घर पहुंचे। देखा तो गुंजन अचेत पड़ा था। पड़ोसियों ने तुरंत कूलर का प्लग निकालकर गुंजन को उठाने की कोशिश की। नहीं उठने पर उसे निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। गुंजन बीबीए का छात्र था।
उसके पिता की राजबाड़ा पर प्लास्टिक के सामान की दुकान है। हादसे के समय उसकी बहन सलोनी व मां आरती परिचित से मिलने गई थी। पिता दुकान पर थे।
बेटा न सही उसकी आंखें तो रहेंगी
इकलौते बेटे को डॉक्टर ने मृत घोषित करते ही परिजन की बदहवास हो गए। चाचा नवनीत की समझाइश पर परिजन गुंजन की आंखें दान करने के लिए सहमत हुए। उन्होंने नेत्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. पुष्पा वर्मा से संपर्क कर आंखें दान करने की इच्छा जताई। इस पर श्रीमती वर्मा ने डॉक्टरों की टीम ने इस काम को पूरा किया।





