इंदौर / महिलाओं की सुरक्षा पर छिड़ी बहस के बीच संघ और भाजपा के दो नेताओं ने विवादित बयान दिए हैं। मध्यप्रदेश के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है, ‘महिलाओं को मर्यादा में रहना चाहिए। यदि वे लक्ष्मण रेखा लांघेंगी तो सामने रावण ही खड़ा मिलेगा।’ उधर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि दुष्कर्म की घटनाएं ‘भारत’ में नहीं ‘इंडिया’ में हो रही हैं।
संघ प्रमुख सिलचर (असम) में बोल रहे थे और विजयवर्गीय इंदौर में। भागवत ने कहा कि देश में दुष्कर्म की बढ़ती घटनाओं की वजह पश्चिमी प्रभाव है। इसलिए शहरी इलाकों में ऐसे वाकये सामने आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र इससे बचा हुआ है। इस बीच भाजपा ने कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर तो ऐतराज जताया है लेकिन भागवत का बचाव किया है। संघ के प्रवक्ता राम माधव ने कहा, ‘सरसंघचालक ने तो दुष्कर्मियों को मौत की सजा देने की मांग की है। उनका बयान यदि पूरा सुना जाए तो विवाद की गुंजाइश नहीं होगी।’ उधर, भाजपा प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद के निर्देश आते ही विजयवर्गीय ने अपनी बातों के लिए माफी मांग ली।
सीटी के बहाने बोले विजयवर्गीय
विजयवर्गीय ने उक्त बात क्षेत्र-2 में गुरुवार को युवा मोर्चा की बैठक में उस वक्त कही थी जब कुछ कार्यकर्ताओं ने सीटी बजा दी थी। इस पर कैलाश ने मर्यादा का पाठ पढ़ाना शुरू किया और महिलाओं को भी नसीहत दे डाली। उन्होंने यह भी कहा कि फैशन के चक्कर में लड़कियों ने दुपट्टा खरीदना ही छोड़ दिया है। उनके एक मित्र की तो इस चक्कर में कपड़े की दुकान तक ठप पड़ गई है।
विवाद मचा तो बदले सुर, पूजे महिलाओं के पैर
बयान से मचे बवाल के बाद शुक्रवार शाम पांच बजे विजयवर्गीय ने शहर से बाहर राऊ (नखराली ढाणी) में अचानक पत्रकार वार्ता बुलाई और अपनी सफाई दी। ठीकरा मीडिया के सिर फोड़ते हुए कहा उनके बयान को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कांग्रेस नेताओं को इस मुद्दे पर राजनीतिक रोटियां नहीं सेंकना चाहिए। भाजपा की फटकार पर बोले पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने पूरा भाषण नहीं सुना है। उन्होंने जितनी बात सुनी उसे ही वापस लेने की बात कही है। उन्होंने कहा महिलाओं के प्रति मेरा सम्मान है जो हमेशा कायम रहेगा। सीता माता के ऊपर टिप्पणी करने की मेरी औकात ही नहीं है।
विजयवर्गीय ने इस दौरान क्षेत्र क्रमांक-2 से बुलाई गई महिलाओं के पैर भी पूजे।
कभी कुछ.. कभी कुछ
एक ही शब्द है मर्यादा। मर्यादा का उल्लंघन होता है तो सीता हरण हो जाता है। लक्ष्मण रेखा हर व्यक्ति की खींची गई है। उसको कोई भी पार करेगा तो सामने रावण बैठा है। वो सीता का हरण करके ले जाएगा।’ (कैलाश विजयवर्गीय का मूल बयान) बाद में पलटे- सीता माता पर टिप्पणी की मेरी औकात नहीं है। मेरा तो सिर्फ यह कहना था कि मर्यादा का उल्लंघन होगा तो विकृति आएगी। पश्चात्य संस्कृति के कारण ऐसा हो रहा है।
चौतरफा विरोध : दिग्विजय की मांग- विजयवर्गीय को बर्खास्त करो
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह बेटी बचाओ अभियान चला रहे हैं। लेकिन उनके मंत्री महिला विरोधी बयान दे रहे हैं। उन्होंने विजयवर्गीय को बर्खास्त करने की मांग की है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने कहा कि भौगोलिक आधार पर देश के लोगों में विभेद की बात नहीं होनी चाहिए। माकपा की नेता बृंदा करात ने कहा महिलाओं पर हिंसा के मामले में गांवों की हालत ज्यादा खराब है। मप्र कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया, नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता माणक अग्रवाल ने भी विजयवर्गीय के बयान की निंदा की है।
इधर कहीं बेशर्म हरकतें जारी तो कहीं दिखने लगा सख्त कदमों का असर
उदयनगर(देवास)त्न ग्राम रायसिंहपुरा की महिला को अकेली पाकर आरोपी दयाराम भिलाला घर में घुस गया। उसने ज्यादती की। शुक्रवार दोपहर महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई।
: रायसेन के रजपुरा गांव में छेड़छाड़ और बदनामी से परेशान एक किशोरी ने गुरुवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। किशोरी से ज्यादती, सास-बहू गिरफ्तार
दुष्कर्म मामला : 4 दिन में चालान पेश
जबलपुर. महिला अपराधों पर कार्रवाई के मामले में जबलपुर पुलिस ने एक सप्ताह के भीतर अपना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। करीब एक सप्ताह पहले गोसलपुर सामूहिक दुष्कर्म मामले में कोतवाली पुलिस ने 11 दिन में चालान पेश किया था। इस बार उसने दुष्कर्म के एक अन्य मामले में चार दिन के भीतर चालान पेश कर दिया। इस मामले में अब सोमवार से रोज सुनवाई होगी। संभवत: मध्य प्रदेश कार यह पहला मामला है जिसमें राज्य पुलिस ने इतने कम समय में चालान पेश किया है।
सीएसपी अनिल वैद्य ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। उन्होंने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित स्टेट बैंक कॉलोनी की एक महिला ने 30 दिसंबर को दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। कोतवाली पुलिस ने इस मामले की जांच कर आईपीसी की धारा 376 के तहत मामला दर्ज किया। 31 दिसंबर को आरोपी अजीत उर्फ करन गुप्ता को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया। इसके बाद पुलिस ने पूरी जांच कर तीन जनवरी 2013 को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट इस पर सात जनवरी से रोज सुनवाई करेगी।