विज्ञापन
 
Home >> Madhya Pradesh >> Indore >> News >> No Registration After Marriage Is Crime

पति-पत्नी के लिए कानून ने बजाई खतरे की घंटी, कहीं हो न जाए तलाक!

अविनाश रावत | Jul 20, 2012, 01:59AM IST
 
 

इंदौर। आप भले ही अपनी शादी में सैकड़ों सगे-संबंधियों को दावत देते हैं। सभी मेहमान इस खुशी के मौके के गवाह बन जाते हैं, फिर भी कानून की नजरों में आपकी शादी तब तक वैध नहीं है, जब तक इसका रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाए। इसके बिना कानून की नजर में आप पति-पत्नी हो ही नहीं सकते।

आम आदमी में इस नियम के प्रति सजगता नहीं है, यह मान सकते हैं, लेकिन मुख्यमंत्री कन्यादान योजना और सम्मेलनों के जरिए होने वाली हजारों शादियों में भी इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। जनवरी 2008 में यह नियम बना था, इसके बाद से शहर में करीब 75 से 80 हजार शादियां हो चुकी हैं। इनमें चार हजार से ज्यादा शादियां मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत हुई हैं, फिर भी रजिस्ट्रेशन लगभग छह हजार लोगों ने ही करवाया है।

शहर में हर साल अलग-अलग धर्मो में विभिन्न रीति-रिवाजों से 18 से 20 हजार शादियां होती हैं। इनमें से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत होने वाली शादियों की संख्या भी हजारों में है। फिर भी कानून की नजरों में ये शादियां वैध नहीं हैं, क्योंकि उनका विवाह पंजीयन नहीं हुआ है। कंपलसरी रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिज एक्ट 2008 के तहत जनवरी 2008 से प्रदेश में विवाह पंजीकरण अनिवार्य हो गया है। फिर भी इस नियम का पालन करने वालों की संख्या दस प्रतिशत भी नहीं है। पिछले चार साल में नगर निगम ने करोड़ों रुपए खर्च कर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत चार हजार से ज्यादा शादियां करवाईं, लेकिन 30 रुपए खर्च कर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया।

3.72 करोड़ किए खर्च 30 रुपए में कंजूसी

29 जनवरी 2008 से 30 जून 2012 तक मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत नगर निगम ने शहर में 4758 शादियां करवाई हैं। इसके लिए कलेक्टर कार्यालय के सामाजिक न्याय विभाग ने निगम को 3 करोड़ 72 लाख रुपए दिए हैं। इस हिसाब से प्रत्येक शादी पर करीब 6320 रुपए खर्च किए गए, लेकिन महज 30 रुपए खर्च कर इनका मैरिज रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया।

जिनके डॉक्यूमेंट थे, उनका किया रजिस्ट्रेशन

हमने मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत हुए आयोजनों के दौरान मैरिज रजिस्ट्रेशन के लिए कर्मचारियों को बैठाया था। जिन लोगों के पास जरूरी दस्तावेज थे, उनके रजिस्ट्रेशन किए गए। रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है, हम इसके लिए लोगों को प्रेरित करते हैं, लेकिन जिनकी रुचि नहीं होती, उसके लिए हम कुछ नहीं कर सकते। अगली बार हम पहले से प्रयास शुरू कर देंगे ताकि सभी का पंजीकरण हो सके।
-नटवर सारडा, रजिस्ट्रार, विवाह पंजीकरण

कंपलसरी मैरिज रजिस्ट्रेशन एक्ट

कंपलसरी रजिस्ट्रेशन ऑफ मैरिज एक्ट 2008 के तहत 23 जनवरी 2008 से प्रदेश में विवाह रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। रजिस्ट्रेशन विवाह के 30 दिन के अंदर कराना अनिवार्य है। एक महीना गुजर जाए तो जिला रजिस्ट्रार द्वारा अनुमति जरूरी हो जाती है। एक वर्ष बाद मुख्य रजिस्ट्रार की अनुमति के बाद ही रजिस्ट्रेशन हो सकता है।
 
 
 

आपके विचार
 
 
कोड:
8 + 1

 
Ad Link
विज्ञापन
विज्ञापन
 
 
 
 
Job Alerts
 
 

बड़ी खबरें

रोचक खबरें

विज्ञापन

बॉलीवुड

जीवन मंत्र

क्रिकेट

बिज़नेस

जोक्स

पसंदीदा खबरें

Email Print Comment
Email Print Comment