इंदौर। नवजात बच्ची को खोने का गम दिल में था फिर भी माता-पिता ने अपनी एक दिन की बच्ची की आंखें दान करने का भावना से भरा प्रेरणादायक फैसला लिया। इतने छोटे बच्चे के नेत्रदान का संभवत: यह देश में पहला मामला है। इससे पहले पिछले साल मुंबई में 32 घंटे के बच्चे की आंखें दान की गईं थी।
तिल्लौर खुर्द निवासी नंदकिशोर पाटीदार बताते हैं कि मेरे बेटे सुनील के यहां गुरुवार अलसुबह बेटी ने जन्म लिया। उसकी हार्टबीट बहुत कम थी। देर शाम को उसकी मौत हो गई। बच्ची की मौत से जब हमारी उम्मीदें टूटी तो हमने सोचा कि इसकी आंखों से किसी दूसरे की उम्मीद बचाई जाए। बेटे ने और मैंने निर्णय लिया कि उसका नेत्रदान किया जाए। हमने एमवाय अस्पताल की नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ. उल्का श्रीवास्तव से तत्काल संपर्क किया।
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