धार/इंदौर। धार में शुक्रवार (वसंत पंचमी) को भोजशाला में हजारों लोगों ने सरस्वती पूजन किया। प्रशासन का दावा है कि नमाज भी करवाई गई। नमाज के लिए भोजशाला खाली कराने के दौरान पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। विरोध में लोगों ने भी पुलिस पर पथराव किया। ऐसा संघर्ष रुक-रुककर पांच बार हुआ। इस पूरी कवायद में 97 लोगों के घायल होने की सूचना है। तीन गंभीर हैं, जिनमें से दो को इंदौर भेजा गया है। 26 गाडियों में तोडफ़ोड़ हुई। इस पूरे घटनाक्रम में प्रभारी मंत्री सहित सभी बड़े नेता गायब रहे। नमाज नहीं कराने की चेतावनी देने वाले संत नरेंद्रानंद सरस्वती शाम को भोजशाला पहुंचे और दर्शन कर लौट गए।
16 लोगों ने नमाज पढ़ी : आईजी
दोपहर एक बजे नमाज के लिए कंट्रोल रूम पर जुटे मुस्लिमों को लेने पुलिस का वाहन पहुंचा। ठीक 1.40 पर पीठे (पीछे) के रास्ते से शहर काजी वकार सादिक सहित पांच मुस्लिमों को लेकर अफसर भोजशाला पहुंचे और ग्यारह मिनट बाद 1.51 बजे बाहर ले आए। शाम को आईजी अनुराधा शंकर ने मीडिया के सामने दावा किया कि 16 लोगों ने नमाज पढ़ी।
झूठ बोल रहे अफसर : शहर काजी
उधर शहर काजी का कहना है कि आईजी झूठ बोल रही हैं। भोजशाला में नमाज पढ़ी ही नहीं गई। भास्कर ने शहर काजी से बात की-
क्या भोजशाला मे नमाज पढ़ी गई?
जवाब : नहीं।
फिर भोजशाला में क्या हुआ?
जवाब : आईजी ने कहा- छत पर नमाज पढ़ लो, हमने मना किया। उन्होंने कहा कमाल मौलाना की दरगाह पर पढ़ लो। वहां भी मना किया। अफसर अगर नमाज की बात कह रहे हैं तो वे इसके प्रमाण सौंपें।
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