धार्मिक आयोजनों में राजनीति का ‘तड़का’
Source: गौरव शर्मा | Last Updated 02:03(10/02/12)
इंदौर। धर्मनगरी ‘पराकाशी’ कहे जाने वाले शहर में धार्मिक कार्यक्रमों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। कार्यक्रम छोटा हो या बड़ा कहीं न कहीं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नेता और उनकी टीम जुड़ी होती है। पिछले दिनों एक पार्षद ने शिर्डी की नि:शुल्क यात्रा करवाई तो चार नंबर में साध्वी ऋतंभरा की कथा का ताना-बाना बुना जा रहा है। नेताओं द्वारा किए जा रहे इन आयोजनों का मकसद जनता के बीच धार्मिक छवि बनाना और अपनी ताकत दिखाने से लेकर राजनीतिक किला फतह करना भी है।
शहर में राजनीति करने वालों के नीत नए समीकरण बन रहे हैं। कथा, प्रवचन के बड़े बैनरों में बाबाओं की सूरत के साथ नेताओं की सीरत भी नजर आ रही है। दशहरा मैदान हो या नंदानगर का स्टेडियम ग्राउंड हर आयोजन के पीछे सफेद कुर्ता-पायजामा वाले जनप्रतिनिधियों का टेका है। भागवत कथा, रामकथा, महायज्ञ, सत्संग-प्रवचन हो या नवरात्रि, होली ज्यादातर में नेताजी ही आयोजक हैं और वे ही संरक्षक। टीम और पदाधिकारियों के चेहरे भी एक जैसे रहते हैं। साल दर साल यह सिलसिला बढ़ता जा रहा है। लोगों तक पैठ बनाने और अपनी छवि जन-जन तक पहुंचाने के लिए नए ‘नेता’ भी आगे आगे आ रहे हैं और उन्होंने भी कोई न कोई धार्मिक कार्यक्रम करवाना शुरू किया है।
नेता और उनसे जुड़े आयोजन
उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय : बड़े धार्मिक आयोजनों के सूत्रधार।
विधायक रमेश मेंदोला : नंदानगर में गरबे, हर साल सामूहिक विवाह, दीपावली पर मां कालिका पूजन आदि कार्यक्रम मां कनकेश्वरी देवी के सान्निध्य में।
विधायक जीतू जिराती : नवरात्रि में मां आराधना पदयात्रा।
विधायक सुदर्शन गुप्ता : शारदीय नवरात्रि में बड़ा गणपति से बिजासन तक चुनरी यात्रा।
विधायक सत्यनारायण पटेल : सांई भक्तों का सम्मेलन व सम्मान समारोह करवाते हैं।
विधायक मालिनी गौड़ : विधायक के पति पूर्व शिक्षामंत्री लक्ष्मण सिंह गौड़ दशहरा मैदान पर महामंडलेश्वर अवधेशानंद महाराज के सान्निध्य में कोटिचंडी महायज्ञ करवा चुके हैं। हिंद रक्षक संगठन की कमान अब उनकी टीम ने संभाल रखी है। हर साल गरबे और फाग यात्रा के आयोजन हो रहे हैं। जल्द ही क्षेत्र में साध्वी ऋतंभरा की कथा होने वाली है।
भाजपा नगर अध्यक्ष शंकर लालवानी हरतालिकातीज पर भजन संध्या। झूलेलाल उत्सव, होली के पहले फाग उत्सव।
उषा ठाकुर : श्रावण में हर साल महिलाओं की कावड़ यात्रा। रामकथा-भागवत कथा भी करवा चुकी हैं।
भाजयुमो नगर अध्यक्ष गोलू शुक्ला : मौनी बाबा आश्रम से जुड़े हैं। हर साल वहां कार्यक्रम का आयोजन। कावड़ यात्रा निकालते हैं।
खनिज निगम के उपाध्यक्ष गोविंद मालू: पंडोखर सरकार का कार्यक्रम कराया है।
कांग्रेस उपाध्यक्ष रघु परमार : 300 लोगों को ओंकारेश्वर की यात्रा करवाई।
पार्षद भी पीछे नहीं
सुरजीतसिंह चड्ढा : हाल ही में एक हजार लोगों को शिर्डी की नि:शुल्क यात्रा करवाई। कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को आयोजन में बुलवाकर ताकत दिखाई।
अरविंद बागड़ी: खजराना गणोश मंदिर से जुड़े हैं। श्री सिद्धि विनायक भक्त मंडल के संयोजक। धार्मिक-सामाजिक कार्य करवाते रहते हैं। समाज के कार्यक्रमों में भी बढ़चढ़कर भूमिका निभाते हैं।
सुधीर देड़गे : सांसद सुमित्रा महाजन समर्थक पार्षद रणजीत हनुमान मंदिर पर भागवत कथा का आयोजन करवा चुके हैं।
कमलेश खंडेलवाल : महिलाओं को ओंकारेश्वर-मथुरा वृंदावन की यात्रा करवाना, सर्वधर्म सामूहिक विवाह, करवा चौथ उद्यापन आदि कार्यक्रम।
शंकर यादव : हर साल नवरात्रि में चुनरी यात्रा निकालते हैं।
भोपाल के नेता भी कम नहीं
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह (राहुल भैया) : अवधेशानंद महाराज की कथा करवा चुके हैं।
विश्वास सारंग: हर साल धार्मिक कार्यक्रम करवाते हैं।
एक्सपर्ट व्यू
धार्मिक कार्यक्रमों की भीड़, चुनाव के समय वोट में बदल जाती है
हमारे यहां के लोग धर्म से जुड़े हुए है। ऐसे कार्यक्रम से जल्दी आकर्षित होते हैं। हर आयोजन में बड़ी संख्या में लोग जुटते है और कार्यक्रमों की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब धर्म का भी आधुनिकीकरण हो गया है। नेताओं के धार्मिक कार्यक्रम करवाने के दो पहलू है। पहला लोगों को धर्म से जोड़े रखा जा रहा है। दूसरा नेताओं की अपनी स्वार्थ सिद्धि। भीड़ जुटाकर ताकत दिखाने का यह माध्यम बना लिया गया है। कार्यक्रम में साड़ी, कलश आदि बांटे जाते है जिससे की जरूरतमंद तबका बड़ी संख्या में शामिल होता है। बाद में यही लोग वोट में बदल जाते हैं।
लवीना आहूजा, प्राध्यापक, समाजशास्त्र