...तो हमेशा के लिए गायब हो जाएंगी दुर्लभ प्रतिमाएं

इंदौर। राजबाड़ा स्थित महालक्ष्मी मंदिर में सुरक्षा के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है। मंदिर की ‘लक्ष्मी’ एक ‘अनियमित’ गार्ड के भरोसे है और जिम्मेदार ‘बेफिक्र’ हैं। मंदिर में जीर्णोद्धार के चलते मूर्ति का स्थान छोड़कर लगभग पूरा हिस्सा तोड़ दिया गया है। ऐसे में तीनों ओर से रास्ते खुल गए हैं। मंदिर में 180 साल पुरानी माताजी की मूर्ति के अलावा बहुमूल्य आभूषण हैं। इनकी सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। मंदिर का जीर्णोद्धार खासगी वाला ट्रस्ट (देवी अहिल्या चैरिटीज) करवा रहा है। इसमें भक्त मंडल मदद कर रहा है। जीर्णोद्धार के चलते दीवारों को तोड़ दिया गया है। इससे पहले एक ओर (सिर्फ राजबाड़ा की ओर) से रास्ता था। वहीं अब यशवंत रोड (स्टेट बैंक के समीप) व आड़ा बाजार से भी घुसा जा सकता है। भक्तों ने ट्रस्ट से मंदिर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की, लेकिन सुरक्षा के नाम पर एक गार्ड की तैनाती हुई। 30 लाख में जीर्णोद्धार मंदिर का जीर्णोद्धार पर करीब 30 लाख खर्च होंगे। इसमें मंदिर के चारों और बाउंड्रीवाल बनाई जाएगी। मंदिर के एलिवेशन में धौलपुर, मार्बल और ग्रेनाइट के पत्थर लगाए जाएंगे। भक्त मंडल के अध्यक्ष विष्णुकुमार भाटी ने बताया पिछले कई दिनों से एक भक्त 1100 रुपए रोज दे रहा है। चांदी की गणोश प्रतिमा भी मंदिर में माताजी के आभूषणों (सोने का मंगलसूत्र, सोने का हार, मोतियों की माला, कान के झुमके, नाक की नथ, चांदी का छत्र आदि) के अलावा 150 साल से भी अधिक पुरानी दुर्लभ लक्ष्मीनारायणजी की चांदी और गणोशजी की प्रतिमा रखी है। तीन ओर से खुले रास्ते महालक्ष्मी मंदिर की सुरक्षा को लेकर खतरा है। मंदिर के जीर्णोद्धार के चलते मूर्ति स्थान को छोड़कर लगभग पूरा हिस्सा तोड़ दिया गया है। इससे तीन ओर से रास्ते खुल गए हैं और सिर्फ एक ही गार्ड तैनात रहता है जो नियमित भी नहीं है। 180 साल पुराना है मंदिर होलकर इतिहास के जानकार गणोश मतकर के अनुसार महालक्ष्मी मंदिर होलकर रियासत की श्रद्धा का प्रतीक होने के साथ समूचे इंदौरवासियों के लिए भी बहुत महत्व रखता है। वर्ष 1832 में मंदिर का निर्माण मल्हारराव (द्वितीय) ने कराया था। 1933 में यह तीन तल वाला मंदिर था, लेकिन 1942 में आग लगने के कारण मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके बाद जीर्णोद्धार होगा। व्यवस्था बढ़ाएंगे मुझे गार्ड के गैरजिम्मेदाराना रवैये के बारे में जानकारी नहीं थी। जल्द ही सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जाएगा। गार्ड बढ़ाने का निर्णय लेंगे।’’ - केएस राठौर, सचिव खासगी ट्रस्ट






