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जाहिदा की नफरत और सबा का लालच ही हत्या का कारण
bhaskar news
| Jul 22, 2012, 02:25AM IST

नहीं आएगी ध्रुव की पॉलिग्राफी रिपोर्ट
अदालत ने प्रकरण भोपाल में चलाने और भाजपा विधायक ध्रुवनारायण सिंह की पॉलिग्राफी रिपोर्ट देने के आवेदन खारिज कर दिए। शनिवार को विशेष सीबीआई न्यायाधीश अनुपम श्रीवास्तव के समक्ष आरोपी जाहिदा, सबा, शाकिब डेंजर, शूटर इरफान व ताबिश को पेश किया गया।
कोर्ट ने सभी को 1 अगस्त तक फिर जेल भेज दिया। सीबीआई अधिवक्ता हेमंत शुक्ला के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने प्रकरण इंदौर में चलाने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि विशेष सीबीआई मजिस्ट्रेट का प्रकरण इंदौर में चलाने संबंधी आदेश उचित है।
ध्रुवनारायण की पॉलिग्राफी रिपोर्ट व अन्य दस्तावेज अभी इसलिए उपलब्ध नहीं कराए जा सकते क्योंकि प्रकरण फिलहाल प्रारंभिक स्तर पर है। बाद में अदालत की अनुमति पर आरोपियों के वकीलों ने अदालत कक्ष में ही सीबीआई के दस्तावेजों का अवलोकन किया। बाद में कोर्ट ने आरोप-पत्र तय कर दिए जिन पर आरोपियों के हस्ताक्षर भी लिए।
हाई कोर्ट में दस्तक देंगे
आरोपियों की ओर से अधिवक्ता यावर खान, सुनील श्रीवास्तव, जाहिद खान व नफीसा खान ने पक्ष रखा। अधिवक्ता यावर खान ने पत्रकारों को बताया भोपाल में केस चलाने का आवेदन खारिज करने के आदेश को अगले सप्ताह हाई कोर्ट इंदौर में चुनौती दी जाएगी।
हमें जेल की मनमानी से बचाओ
जाहिदा व सबा ने अदालत में याचना की कि जिला जेल की महिला बैरक में उन्हें अलग-अलग रखा जा रहा है जबकि अन्य मुलजिम साथ रहते हैं। इस पर अदालत ने कहा- आप कोर्ट में आवेदन दीजिए, हम जेलवालों को बुलाकर पूछेंगे।
सीबीआई तो कुछ भी आरोप लगा सकती है
अदालत के बाहर जाहिदा ने मीडिया से कहा कि सीबीआई तो कुछ भी आरोप लगा सकती है। प्रकरण भोपाल नहीं इंदौर में चलने के सवाल पर बोली- कोर्ट कहीं की भी हो, हमें उन पर पूरा भरोसा है।
किस पर क्या आरोप तय हुए
जाहिदा परवेज
हत्याकांड की मास्टरमाइंड जाहिदा को बिलकुल पसंद नहीं था कि उसके अलावा किसी और के रिश्ते ध्रुव के साथ हों। धारा- 302, 120-बी- हत्या व हत्या का षड्यंत्र रचना, 201 साक्ष्य छिपाना।
सबा फारुखी
जाहिदा के षड्यंत्र में अमीर बनने के लालच में साथ दिया। धारा- 302,120-बी, 201।
शाकिब डेंजर
जाहिदा से लगाव और पैसे कमाने के लालच में साजिश में शामिल हुआ। किराए के शूटरों (इरफान-ताबिश) को उसने ही कानपुर से बुलाया और हथियार उपलब्ध कराए। धारा 302, 120-बी, 25 (1-बी)-ए, 27 आर्म्स एक्ट व 201।
इरफान
पैसों के लालच में वारदात को अंजाम दिया। बाद में सुपारी की रकम तय हुई। हालांकि वह भी पूरी नहीं मिली। सीबीआई को गुमराह करने का प्रयास। धारा 302, 120- बी, 25 (1-बी)-ए, 27 आर्म्स एक्ट।
ताबिश
डेंजर के जरिए शूटर तलाशने का जिम्मा उठाया। इरफान ने बाइक पर सवार होकर शेहला पर गोली चलाई। बाइक ताबिश चला रहा था। धारा- 302,120-बी, 25 (1-बी)-ए, 27 आर्म्स एक्ट।
1 अगस्त को ट्रायल प्रोग्राम पेश होगा
सीबीआई की ओर से अदालत को बताया वह ट्रायल प्रोग्राम पेश करना चाहती है। कोर्ट ने अगली सुनवाई 1 अगस्त तय कर उस दिन पेश करने की अनुमति दी। इसमें सीबीआई गवाहों की सूची के साथ बताएगी कि किस दिन किन-किन गवाहों के साक्ष्य अदालत में होंगे। सीबीआई अधिवक्ता ने बताया चालान में 143 गवाहों की सूची कोर्ट को दी गई थी। कुछ और जांच व दस्तावेज सीबीआई दिल्ली से आने वाले हैं। इस कारण गवाहों की संख्या और बढ़ जाएगी।






