उसका शव झूलते देख आंख बबूला हो गए मायके वाले
Source: dainik bhaskar news | Last Updated 04:36(05/02/12)
इंदौर. सुविधिनगर निवासी मधु पति आशीष यादव (28) ने शनिवार दोपहर फांसी लगाकर जान दे दी। सूचना पर एरोड्रम पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच पालिया से मधु के पिता ओंकारसिंह यादव, मां शकुंतला, बहन आराधना, भाई नितिन व अन्य परिजन भी आ गए।
वे मधु का शव फंदे पर लटका देख भड़क गए। उसे दो माह का गर्भ था। उनका आरोप है मधु को मारकर फंदे पर टांगा गया है। उन्होंने मधु के पति, ससुर मदनलाल, सास कृष्णा उर्फ पत्तोबाई व ननद गुड़िया पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाया।
मोहल्लेवाले भी ताले में बंद- दोनों पक्षों में हाथापाई भी हुई। पुलिस ने उन्हें अलग किया। ससुराल वाले कमरे में बंद हो गए और चैनल गेट पर ताला लगा लिया। शोक मनाने आए मोहल्लेवाले भी उनके साथ बंद हो गए। मायकेवालों के तेवर देख पुलिस को बल बुलवाना पड़ा। शाम होने के कारण मधु का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
मोहल्लेवाले भी बने निशाना
मायकेवालों ने पुलिसकर्मियों को लाश भी नहीं उतारने दी। उन्होंने ससुरालवालों की गिरफ्तारी की मांग की। पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाइश के बाद शांत किया। इस दौरान मधु की मां व मौसी कुसुम ने मोहल्लेवालों को भी आड़े हाथों लिया। रिश्तेदारों का कहना है ससुरालवालों ने पांच लाख रुपए दहेज भी मांगा था।
‘रात में खुशखबरी, अगले दिन मौत’
शकुंतला ने बताया शुक्रवार रात 10 बजे उनकी मधु से बात हुई थी, तब वह खुश थी। उसने मां से कहा आप नानी बनने वाली हैं। उसे डॉक्टर ने दो माह का गर्भ होने की पुष्टि की थी। मधु की शादी आशीष से 13 फरवरी 2011 को हुई थी।
‘पता नहीं भैया क्यों लगा ली फांसी’- मायकेवालों द्वारा शव जिला अस्पताल ले जाने के 15 मिनट बाद ससुरालवालों ने ताला खोला। पुलिस ने आशीष और उसके पिता को हिरासत में ले लिया। सास कृष्णा ने बताया मधु और गुड़िया ने साथ खाना खाया, मैं बैंक चली गई। लौटी तो पता चला मधु ने खुद को कमरे में बंद कर लिया है। हमने जैसे-तैसे गेट खोला तो वह फंदे पर मिली।