इंदौर। पिछले दिनों स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की जीपीओ ब्रांच से निकाली गई पांच सौ के नोटों की गड्डी में एक नोट फोज्र्ड (नकली) की सील लगा हुआ पाया गया। ग्राहक ने जब घर जाकर नोट गिने, तब उसकी नजर इस नोट पर पड़ी। ग्राहक द्वारा शिकायत किए जाने पर बैंक ने अपनी गलती मानने से इंकार कर दिया। उनका कहना था कि काउंटर छोड़ने से पहले ही यह बतानी थी।
इतना ही नहीं बैंक अपना नकली नोट जब्त करने का रिकॉर्ड देखकर बताने को भी तैयार नहीं है कि ये नोट उनकी शाखा में आया था या नहीं। इस रिकॉर्ड में नंबर वगैरह की विस्तृत जानकारी से गलती पकड़ में आ सकती है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या स्टाफ के किसी सदस्य की गलती से ऐसा हुआ या फिर जब्त किए गए नकली नोटों को दोबारा चलाने की कोई साजिश चल रही है।
आगे तस्वीरों के जरिए जानिए कि बैंक के अनुसार गलती किसकी है..क्या अब असली नोट ग्राहक को मिल पाएगा..क्या है बैंक का प्रावधान..मेन ब्रांच के एजीएम ने मीडिया से बातचीत के दौरान क्या कहा...