इंदौर। इंजीनियरिंग छात्र की सूझबूझ से पुलिस ने ठगोरे को दबोच लिया। वह 10 हजार रुपए में छात्र को कंपनी में नौकरी दिलवाने का झांसा दे रहा था। उसके पास से सात रुपए, 43 हजार का आईफोन, आईपैड और दूसरे के नाम का पैन कार्ड व क्रेडिट कार्ड मिला है। उसे दो थानों की पुलिस गाड़ी चोरी के मामलों में सालभर से ढूंढ रही थी। वह घर छोड़कर होटल में रह रहा था।
एएसपी मनोज राय ने बताया गिरफ्तार आरोपी रोहित उर्फ पंकज उर्फ राधेय पिता श्रीराम सोंधी (43) निवासी महावीरधाम कॉलोनी है। उसे पकड़ने में मेडिकैप्स के इंजीनियरिंग छात्र आकाश पांडे निवासी श्रीजी वैली बिचौली मर्दाना की भूमिका रही।
मूल रूप से खंडवा के रहने वाले आकाश ने ‘भास्कर’ को बताया दो दिन पहले मैं अन्नपूर्णा मंदिर गया था। वहां रोहित पसीने में तरबतर मिला और बोला कि बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया है। तरस खाकर मैंने 200 रुपए दे दिए। इस पर वह बोला कि मैं सिस्को कंपनी में एचआर हेड हूं। बकौल आकाश, यह सुनकर मुझे शक हुआ क्योंकि इतना बड़ा अधिकारी बाइक पर तो नहीं घूम सकता।
पुलिस का सहयोग करें
आकाश का कहना है मैंने पुलिस की मदद इसलिए की, क्योंकि यह मेरा कर्तव्य था। हम पुलिस से उम्मीद करते हैं कि वह हमारी रक्षा करे तो उसका सहयोग करना हमारा भी दायित्व है।