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पढ़ाने लगे प्रेम का पाठ, लगाई तंत्र-मंत्र की क्लास

राहुल दुबे | Dec 19, 2012, 01:51AM IST
पढ़ाने लगे प्रेम का पाठ, लगाई तंत्र-मंत्र की क्लास

इंदौर. सुपर-100 योजना के तहत प्रदेशभर से मल्हार आश्रम में बुलाए गए मैथ्स और साइंस विषय के होनहार छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाने के बजाय तंत्र-मंत्र सिखाया जा रहा था।


उन्हें यह भी बताया जाने लगा कि लड़कियों को कैसे प्रभावित किया जाता है। छात्रों ने इसकी शिकायत की तो दोनों शिक्षक को चुपचाप हटा दिया गया। यही नहीं, छात्रों को बाहर मुंह खोलने पर भविष्य बिगाड़ देने की धौंस भी दी गई।


दरअसल, 10वीं के टॉपर्स 208 छात्र (183 मैथ्स-साइंस और 25 कॉमर्स वाले) मल्हार आश्रम में 11वीं पढ़ रहे हैं। इनका पूरा खर्च सरकार उठा रही है। शिक्षा विभाग ने मैथ्स-साइंस वालों को कम्प्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी की ट्रेनिंग देने के लिए टेंडर बुलाए थे।


गीता भवन के पास स्थित एक फर्म को ट्रेनिंग का कॉन्ट्रेक्ट मिला था। 1 अगस्त से कोचिंग शुरू हुई। थोड़े दिन बाद दीपक पाटिल नामक टीचर बच्चों को आईआईटी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने के लिए काले पत्थरों को जोड़कर कुछ मंत्र पढऩे की सीख देने लगे।


बच्चों को यह अजीब लगा। कुछ मजाक भी समझे। दूसरे टीचर विक्रम लांबा तो और आगे निकले। वे लड़कियों को प्रभावित करने की बातें सिखाने लगे। छात्रों ने स्कूल प्राचार्य विजया शर्मा और संयुक्त संचालक लोक शिक्षण एसबी सिंह को शिकायत कर दी।


इस संबंध में प्राचार्य ने बताया कुछ छात्रों ने दोनों शिक्षकों की शिकायत की थी। उन्हें हटाकर कॉन्ट्रेक्टर फर्म को नोटिस दिया है।



25 छात्र घर लौटे- इस योजना के तहत मल्हार आश्रम में आए छात्रों में से 25 घर लौट गए हैं। साथियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का यह तरीका उन्हें रास नहीं आया।


परिवार के साथ और स्वतंत्र रहकर वे ज्यादा अच्छे से पढ़ाई कर सकते हैं। करीब दर्जनभर अन्य छात्र भी जाने का मन बना चुके हैं। हालांकि जो छात्र स्कूल छोड़ गए हैं, उनके स्थान पर दूसरे छात्रों को बुलाया गया है।



यह है योजना
प्रदेश सरकार ने भोपाल के बाद 'सुपर 100' योजना को इंदौर में इसी साल शुरू किया। इसके तहत सभी 50 जिलों के सरकारी स्कूलों में 10वीं में मैथ्स और साइंस में सर्वाधिक अंक लाने वाले दो-दो बच्चों को सरकार द्वारा पढ़ाया जा रहा है।


बाद में कॉमर्स के एक-एक टॉपर को भी इस योजना में शामिल किया गया। इस तरह कुल 250 छात्रों में से 208 ही आ पाए।


साइंस और मैथ्स के टॉपर्स को आईआईटी व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं और कॉमर्स के टॉपर्स को सीए व सीएस परीक्षा के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही है।

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