थैंक्यू..अब मैं ठीक हो गया
Source: bhaskar news | Last Updated 02:14(29/01/12)
महू/इंदौर
महू वेटरनरी कॉलेज में इलाज करा रहे 20 वर्षीय हाथी ‘राजा’ अस्पताल परिसर की प्यारभरी दुनिया को सूना कर शनिवार को महावत के पैतृक गांव छतरपुर रवाना हो गए।
> 25 दिनों से कॉलेज के जूनियर डॉक्टर, क्षेत्र के बच्चे और अन्य लोग जो राजा की तीमारदारी में लगे थे उन सभी की आंखें नम थीं।
> जाते वक्तराजा ने इस प्रकार से मनोभाव प्रदर्शित किए जैसे वह उसका इलाज करने वाले डॉ. हेमंत मेहता से कह रहा हो थैंक्यू डॉक्टर. अब मैं ठीक हो गया हूं।
> राजा की बीमारी पर लगभग 5.50 लाख रुपए का खर्च आया। जिसे लोगों ने मिलजुलकर उठाया।
डॉक्टर क्या और बच्चे क्या जिससे जो बन पड़ा सबने उसके लिए कुछ न कुछ किया। राजा को कान से दवाई और इंजेक्शन देना, 50 लीटर दूध, थैला भरकर केले और गन्ने की डाइट सबके लिए कौतुक का विषय रही। राजा का इलाज कर रहे डॉ. हेमंत मेहता की पत्नी वनिता बताती हैं रोज शाम को राजा की एक्सरसाइज देखने के लिए भीड़ जुट जाया करती थी। डॉ. मेहता के अनुसार राजा में इच्छा शक्ति और भावनात्मक लगाव इतना था कि जब कोई डॉक्टर उसके पास जाता था तो वह सूंड से सिर व बदन को स्पर्श कर अपनापन जताता था। शनिवार को जब वह विदा हुआ तो वेटनरी अस्पताल का पूरा स्टॉफ भावुक हो उठा। महावत राजेश सिंह के निवेदन पर राजा को अस्पताल से छुट्टी देना पड़ी। जबलपुर से एक्सपर्ट सर्जन ए.बी.श्रीवास्तव भी राजा को देखने महू आए थे। अस्पताल की करीब 50 डॉक्टर व कर्मचारियों की टीम उसके इलाज में जुटी थीं। डॉ. एस.एच.पांडे ने बताया जाने से पहले राजा को सप्ताहभर की दवाइयां भी दी गई हैं। हम उसके तबियत को लेकर लगातार महावत से संपर्क में बने रहेंगे।
फ्लैश बैक:
- दाएं पैर में फोड़ा होने से उसे कोटा से महू वेटनरी कॉलेज लाया गया। धन की कमी के कारण इलाज में बाधा आई।
-राजा का समाचार प्रकाशित होते ही कोटा (राजस्थान) सहित इंदौर व महू के लोग सहायता के लिए आगे आए और इलाज शुरू हुआ।
- उसे प्रतिदिन कान से इंजेक्शन व बोतलें चढ़ाई जाती थी। रोज शाम को एक्सरसाइज भी करवाई जाती थीं।
-कोटा से महू लाने के दौरान उसके दूसरे पैर में भी जकड़न आ गई थी जिससे वह खड़ा नहीं हो पा रहा था। इस कारण उसे क्रेन की सहायता से खड़ा किया जा रहा था।
- 28 जनवरी को महावत के कहने पर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई जबकि उसे अभी भी इलाज की जरूरत थी।
फैक्ट फाइल
12000
प्रतिदिन इलाज पर खर्च
5.50 लाख
कुल खर्च
50
डॉक्टर सहित कर्मचारियों की टीम करती थी इलाज