इंदौर। सांवेर रोड स्थित ओरिएंटल यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को मान्यता को लेकर जमकर हंगामा मचा। बी-टेक की परीक्षा देने से इनकार करते हुए एक छात्रा छत पर चढ़ गई और कूदने की धमकी देने लगी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रा को बमुश्किल नीचे उतारा। इधर, गेट तोड़कर भीतर घुसने की कोशिश कर रहे छात्रों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। एक छात्र घायल भी हो गया।
नहीं देना बिना मान्यता के परीक्षा: हंगामे की शुरुआत सुबह उस वक्त हुई जब कॉलेज द्वारा आयोजित बी-टेक परीक्षा देने पहुंची एक छात्रा ने मान्यता नहीं होने की बात कहकर इसमें बैठने से इनकार कर दिया। कुछ अन्य छात्रों ने भी परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। फिर छात्रा भवन की छत पर चढ़ गई और कूदने की धमकी देने लगी। सकते में आए कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस को बुलवाया। पुलिस ने जैसे-तैसे समझाकर छात्रा को नीचे उतरवाया। इसके बाद छात्रों ने नारेबाजी और हंगामा शुरू कर दिया।
किसने क्या कहा ?
एनएसयूआई : जिला उपाध्यक्ष महक नागर और महासचिव अरशद खान ने कहा जब जांच चल रही है और यूनिवर्सिटी बंद थी तो परीक्षा कराने की क्या जरूरत थी। पुलिस ने डेढ़ घंटे प्रबंधन से क्या बात की। इसकी जानकारी नहीं मिली इसीलिए हम अंदर जाना चाह रहे थे।
प्रबंधन: यूनिवर्सिटी चांसलर के.एल. ठकराल ने कहा हम तो परीक्षा आयोजित कर रहे थे। कुछ छात्रों ने जानबूझकर बहिष्कार किया। एक छात्रा ने छत पर चढऩे की कोशिश की। पुलिस से भी शांतिपूर्ण बात चल रही थी लेकिन छात्रों ने गेट तोड़ दिया।
प्रदर्शन मत करना, जांच चल रही है: दो दिन पहले ही राजभवन ने एनएसयूआई को बुलाकर समझाया था कि जांच चल रही है। जल्द रिपोर्ट आएगी। तब तक हंगामा मत करना लेकिन कार्यकर्ता नहीं माने।
आईआईपीएम , हंगामा देख लौटी दिल्ली की टीम
इंदौर। सुखलिया स्थित आईआईपीएम (इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ प्लानिंग एंड मैनेजमेंट) में छात्रों ने शुक्रवार को भी हंगामा किया। इस दौरान पुलिस पहुंची तो छात्र उससे भिड़ गए। वहीं, जांच के लिए पहुंचा उच्च शिक्षा विभाग का दल हंगामा देख लौट गया, जबकि कॉलेज प्रबंधन की दिल्ली से आई टीम ने दो चरणों में तीन घंटे तक छात्रों से चर्चा की लेकिन बात नहीं बनी।
छात्रों ने टीम को एक दिन का समय दिया है। उनका कहना है कि इस दौरान मांग नहीं मानी गई तो भूख हड़ताल करेंगे। छात्रों के हंगामे के मद्देनजर सुबह ११ बजे पुलिस की दो गाडिय़ां वहां गई थी। पुलिस बल के साथ छात्रों की हुज्जत भी हुई। दोपहर में एनएसयूआई कार्यकर्ता पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें भी नहीं घुसने दिया। इससे उनमें झूमाझटकी हुई।
- डॉ. नरेंद्र धाकड़, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा