लापरवाही से तीन मौतें : हाई कोर्ट ने बनाई जांच कमेटी
इंदौर। राजेंद्रनगर थाने में तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय काफी देर तक पटक रखा। इस कारण उसकी मौत हो गई। रिंग रोड पर चाकू से घायल डॉक्टर व हवाई अड्डा क्षेत्र में वाहन की चपेट में जख्मी महिला को नजदीक के अस्पतालों ने तत्काल इलाज से इनकार कर दिया। अन्य अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। इन लापरवाहियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर मप्र हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस शरद अरविंद बोबड़े की अध्यक्षता वाली डबल बैंच ने सुनवाई करते हुए जांच कमेटी बनाने के आदेश दिए जो यह जांच करेगी कि क्या समय पर इलाज से जान बचाई जा सकती थी। जांच एमजीएम मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन एवं एमवाय अस्पताल के पूर्व अधीक्षक की अध्यक्षता में एक सदस्यीय कमेटी करेगी।
सोमवार को चीफ जस्टिस बोबड़े व जस्टिस शांतनु केमकर के समक्ष सुनवाई हुई। याचिका में प्रमुख सचिव गृह, डीजीपी, आईजी इंदौर, एसपी इंदौर, थाना प्रभारी राजेंद्रनगर, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य व सीएमएचओ को पक्षकार बनाया गया है। अधिवक्ता राजेश जोशी की ओर से अधिवक्ता मनोज मुंशी ने सुप्रीम कोर्ट जस्टिस रंगनाथ मिश्र द्वारा वर्ष 1989 में दिए गए एक फैसले को आधार बनाकर जनहित याचिका दायर की है कि किसी की भी जान बचाना पहली प्राथमिकता होना चाहिए। याचिका में कहा गया कि वर्तमान में प्राइवेट अस्पतालों द्वारा प्राथमिक इलाज से इसलिए मना कर दिया जाता है कि जब उन्हें यह लगता है घायल नहीं बचेगा अथवा वह अस्पताल का भुगतान करने की स्थिति में नहीं है।
सोमवार को सुनवाई में अधिवक्ता मुंशी ने अदालत को बताया कि सभी पक्षकारों को गत 6 सितंबर की सुनवाई में नोटिस जारी किए गए थे किंतु किसी ने भी जवाब नहीं दिए। इस पर अदालत ने किसी वरिष्ठ चिकित्सक की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाने के आदेश दिए। अतिरिक्त महाधिवक्ता मनोज द्विवेदी ने मेडिकल कॉलेज के डीन एवं एमवाय अस्पताल के अधीक्षक रहे शल्य चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. एलएस शर्मा का नाम सुझाया जिस पर अदालत ने मुहर लगा दी। वे यह जांच करेंगे कि क्या समय पर इलाज होता तो जांच बचाई जा सकती थी?
तीन घटनाएं याचिका का आधार
- 21 अगस्त 12 को चाकू से घायल रवि डांगी को राजेंद्रनगर थाने ले जाया गया। वहां रिपोर्ट की औपचारिकता में काफी देर तक पटक रखा तब काफी खून बह गया। पुलिस उसे पास के अस्पताल के बजाय दूरस्थ जिला अस्पताल धार रोड ले जाया गया तब तक उसकी मौत हो गई।
- 4 अक्टूबर 12 को खजराना थाना क्षेत्र में डॉ. एमके गुप्ता को बदमाशों ने चाकू मारकर घायल कर दिया। उन्हें तत्काल एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज से मना कर दिया गया। बाद में विजयनगर क्षेत्र स्थित अस्पताल ले जाया गया किंतु रास्ते में ही प्राण पखेरू उड़ गए।
- 13 अक्टूबर 12 को एरोड्रम रोड पर वाहन की टक्कर से घायल मोहिनी पति दिनेशचंद शर्मा को एक-एक करके तीन प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया किंतु तीनों जगह से इलाज से मना कर दिया गया। आखिर में एमवाय ले जाया गया किंतु उसकी मौत हो गई।







