प्रदेश के युवा हो जाए तैयार खुलेगी पुलिस यूनिवर्सिटी
Source: अविनाश रावत | Last Updated 06:16(05/02/12)
इंदौर. अहमदाबाद के रक्षा शक्ति यूनिवर्सिटी की तर्ज पर मध्यप्रदेश में पुलिस यूनिवर्सिटी शुरू होगी। भोपाल के प्रो. वाजपेयी की योजना पर मुख्यमंत्री और प्रदेश के गृह मंत्रालय ने सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। इसके लिए अफसरों का एक दल गुजरात जाएगा।
भोपाल की लॉ यूनिवर्सिटी में क्रिमिनोलॉजी व क्रिमिनल साइकोलॉजी के प्रोफेसर जी.एस. वाजपेयी ने प्रदेश में पुलिस यूनिवर्सिटी बनाने के लिए 23 मार्च 2011 को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र लिखा था। अक्टूबर 2011 में मुख्यमंत्री ने इस पर अपनी सैद्धांतिक सहमति देते हुए गृह विभाग को निर्देश दिए कि वे इसके लिए गुजरात की यूनिवर्सिटी का अध्ययन करने के लिए अपने विभाग के अफसरों को भेजें।
वाजपेयी के अनुसार इंदौर एजुकेशन हब है इस वजह से यूनिवर्सिटी या उसका एक सेंटर यहां खोला जाना चाहिए। प्रो. वाजपेयी के मुताबिक यूनिवर्सिटी की पहली प्राथमिकता छात्रों का प्रशिक्षण होगी लेकिन शिक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा ताकि उनका बौद्धिक और व्यावहारिक विकास हो।
इस यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा देना होगी। मैरिट के आधार पर इंस्पेक्टर, सबइंस्पेक्टर, सीएसपी, डीएसपी और अन्य पदों से संबंधित कोर्सो में प्रवेश दिया जाएगा। पुलिस में पहले से ही नौकरी कर रहे लोग भी अपनी योग्यता बढ़ाने के लिए यहां प्रवेश ले सकेंगे।
पुलिस से संबंधित विषयों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुसंधान भी होंगे। यूनिवर्सिटी में एकेडमिक कोर्स में उन छात्रों को प्रवेश मिलेगा जो पुलिस सेवा में नहीं आना चाहते और व्यावसायिक कोर्स में वे छात्र शामिल होंगे जो पुलिस सेवा में आना चाहते हैं।
गुजरात में पहला प्रयोग
देश में पुलिस यूनिवर्सिटी के प्रयोग के तहत डेढ़ साल पहले अहमदाबाद में रक्षा शक्ति शुरू की गई थी। यहां चयनित लोगों को सेवा में आने से पहले महज कुछ महीनों की ट्रेनिंग दी जाती है, जिसके बाद वे अपनी-अपनी जिम्मेदारियां संभालना शुरू कर देते हैं।