भास्कर संवाददाता.नागदा
बसंत के आगमन के साथ ही प्रकृति अपना सांैदर्य संवारने लगी है। खेतों में खिले सरसों के फूल तो आम पर लदे बौर प्रकृति के खिले सुंदर रूप को निहार कर मदमस्त होते दिखाई पड़ते हैं। बसंत पंचमी पर ज्ञान की देवी सरस्वती पूजा की परंपरा भी है। अंचल के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थी व सरस्वती साधक शनिवार को सरस्वती पूजा करेंगे। सामूहिक विवाह भी बड़ी संख्या में होंगे।
आर्दश बिहार परिषद मनाएगा बसंतोत्सव
आर्दश बिहार परिषद द्वारा शनिवार को ग्रेसिम खेल परिसर में सरस्वती पूजन के साथ तीन दिवसीय बसंत मेले की शुरुआत होगी। परिषद अध्यक्ष वी.के. सिंह ने बताया तीन दिनी कार्यक्रम में शनिवार को दोपहर १.३० से अपराह्न ४.३० बजे तक पूजन व शाम को ७ बजे महाआरती के बाद बसंत मेले की शुरुआत की जाएगी। ३० जनवरी को दोपहर २ बजे हवन व शाम ४ बजे प्रतिमा विसर्जन होगा। सफल बनाने का अनुरोध अनिल सिंह, के.के. दुबे, उपेंद्र शर्मा, अर्जुन राय, रतन झा, सदानंद चौधरी, संतोष मिश्रा, वी.पी. यादव, रवींद्र चौधरी, संजीव सिंह, देवेंद्र पांडेय, अमित साहू, मृत्युंजय सिंह ने किया है।
सरस्वती पूजन- मां सरस्वती कला एवं साहित्य मंच द्वारा शनिवार शाम ६ बजे बस स्टैंड पर सार्वजनिक सरस्वती पूजा महोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान शहर के धार्मिक व सामाजिक संस्थान भी शिरकत करेंगे।