आरोपी पार्षदों की संपत्ति का मांगा ब्योरा
Source: | Last Updated 02:12(10/02/12)
भास्कर संवाददाता. खंडवा
नगर निगम आयुक्त दिलीप कापसे के चेहरे पर काली स्याही पोतने के मामले के आरोपी दो कांग्रेसी और छह पार्षदों की चल-अचल संपत्ति का रिकार्ड पुलिस खंगालने में जुट गई है। । गुरुवार को पुलिस ने नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर संपत्ति का लेखा-जोखा मांगा। मामले में नेता प्रतिपक्ष रमेश सुनगत और पार्षद पति राकेश तंतवार ने पहले ही गिरफ्तारी दे दी है। उन्हें 21 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। आयुक्त के चेहरे पर स्याही पोतने के बाद से ही पार्षद जयप्रकाश यादव, विनोद यादव, लियाकत पवार, मुकेश यादव, रिंकू सोनकर और पार्षद पति अरुण गंगराड़े फरार है। सीएसपी मुकेशकुमार वैश्य के मुताबिक चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोतवाली टीआई उदयभान तिवारी ने बताया आरोपी पार्षदों एवं कांग्रेस नेता के रिश्तेदारों के घर भी दबिश दी जाएगी। इसके लिए पुलिस दूसरे शहरों में भी जाएगी।
उलझन में विशेष सम्मेलन
नर्मदा जल योजना के कार्यों की समीक्षा को लेकर विपक्ष द्वारा 23 जनवरी को की गई विशेष सम्मेलन की मांग के बाद आयुक्त के हुई घटना के कारण यह सम्मेलन अब उलझ गया है। आयुक्त दिलीप कापसे के मुंह पर काली स्याही लगाए जाने के मामले में मुख्य आरोपी नेता प्रतिपक्ष रमेश सुनगत को बनाया गया है। इसके साथ ही पांच अन्य पार्षद भी शामिल हैं। अब जब तक पुलिस सभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर लेती और आरोपियों को जमानत नहीं मिलती तब तक शहर के लिए महत्वपूर्ण नर्मदा जल योजना को लेकर विशेष सम्मेलन नहीं हो पाएगा। इस संबंध में निगम अध्यक्ष अमर यादव ने कहा सोमवार को ही विशेष सम्मेलन की तारीख तय होनी थी। आयुक्त से चर्चा भी हो गई थी लेकिन अब तारीख कैसे तय करें। मांग करने वाले ही मौजूद नहीं रहेंगे। आरोपी बनाए लोगों में छह पार्षद शामिल हैं इसलिए विशेष सम्मेलन की तारीख तय करना फिलहाल ठीक नहीं है।
...इधर ११ महीने से फरार
कांग्रेसी नेता और पार्षदों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस मुस्तैदी दिखा रही है। वहीं दूसरी ओर शहर में 9 मार्च 2011 को भगवंतराव मंडलोई कृषि कॉलेज में हुए प्रोफेसर कालिख कांड के एबीवीपी के कुछ आरोपियों को पुलिस अब तक पकड़ नहीं पाई है। मामले में 11 आरोपी छात्रों पर केस दर्ज किया गया था। तीन ने गिरफ्तारी देकर जमानत हासिल कर ली। जबकि आठ आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। इसी तरह अश्लील सीडी कांड के आरोपी पार्षद सौरभ शुक्ला को भी पुलिस तीन माह तक नहीं पकड़ पाई थी। बाद में उन्होंने गुपचुप तरीके से कोर्ट में पहुंचकर सरेंडर कर दिया और जमानत पर छूट गए। कुछ महीने पहले पूर्व विधायक हुकुमचंद यादव के पुत्र मंगल यादव पर भी केस दर्ज हुआ और वह अभी तक फरार है। कांग्रेस इसे पुलिस की हिटलरशाही बता रही है।
सीएसपी मुकेशकुमार वैश्य से सीधी बात-
क्या पार्षदों पर की जा रही कार्रवाई राजनीति से प्रेरित है?
नहीं, पहले भी हमने तत्परता से कार्रवाई की है।
प्रोफेसर कालिख कांड के आरोपी अब तक क्यों नहीं पकड़ाए?
मामला सीआईडी इंदौर के अधीन है। इसलिए हम कुछ नहीं कह सकते।
अश्लील सीडी कांड में फंसे सौरभ शुक्ला पर कार्रवाई में देरी की गई थी, क्यों?
नहीं, इंदौर-भोपाल में रिश्तेदारों के यहां भी पुलिस जांच करने गई थी।