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विवाह हजारों में पंजीयन सैकड़ों
सिटी रिपोर्टर त्न
| Apr 20, 2012, 01:01AM IST
ऐसे होता है पंजीयन
ञ्च शहरी क्षेत्र के लिए नपा व ग्रामीण क्षेत्र के लिए जपं में आवेदन पत्र मिलता है।
ञ्च पत्र पर वर-वधू का नाम, शादी की तारीख, पासपोर्ट साइज फोटो लगाना पड़ते हैं।
ञ्च सबूत के तौर पर शादी का कार्ड या मंदिर से शादी का प्रमाण-पत्र लगाना पड़ता है।
ञ्च उम्र के लिए जन्म प्रमाण-पत्र या दोनों की दसवीं की मार्कशीट की छायाप्रति।
ञ्च वर व वधू के अलग-अलग और संयुक्त शपथ-पत्र।
ञ्च दोनों पक्ष की तरफ से शादी के चश्मदीदों के सक्षम अधिकारी के सामने हस्ताक्षर।
इसलिए जरूरी है
> पासपोर्ट बनवाने, विदेश जाने। > तलाक के आवेदन में। > संपत्ति विवाद। > गौत्र परिवर्तन करने। > शादी के नाम पर होने वाली जालसाजी से बचने के लिए।
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना में विवाह वर्ष विवाह
2009-10 190
2010-11 210
2011-12 473
कुल- 873
विवाह पंजीकृत
जागरूकता जरूरी
॥अक्सर जागरूकता की कमी के कारण यह स्थिति निर्मित होती है। केंद्र सरकार अब पंजीयन को ही जरूरी करने जा रही है। अब तो अनिवार्यता का पालन होना तय है। व्यवस्था में सुधार भी हो सकेगा।ø
नीता दुआ, नपाध्यक्ष, नीमच





