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बारिश में खराब नहीं होंगी सब्जियां
Matrix News
| Apr 20, 2012, 01:20AM IST
सिटी रिपोर्टरत्न रतलाम
सब्जी उत्पादक किसानों को इस बार मानसून में सब्जियों के खराब होने का डर नहीं रहेगा। बारिश से पहले किसानों की इस समस्या को दूर करने के लिए मंडी बोर्ड व्यापारियों की दुकानों के सामने टीन शेड बनाने जा रहा है। इससे बारिश होने के बावजूद खरीदी-बिक्री में किसानों व व्यापारियों को दिक्कत नहीं होगी। टीन शेड बनने से 50 व्यापारियों सहित सब्जी लेकर आने वाले 750 से ज्यादा किसानों को लाभ मिलेगा। खुले में खरीद-फरोख्त होने से बीते साल बड़ी मात्रा में सब्जियां सड़ गई थी।
मंडी अध्यक्ष ने बताई समस्या
लहसुन-प्याज व्यापारी मंडी अध्यक्ष मोहम्मद सलीम ने एसडीएम और मंडी भारसाधक अधिकारी डी.सी. सिंघी से पिछले दिनों मुलाकात की थी। उन्होंने बीते साल हुए नुकसान की जानकारी देकर तथा सब्जी विक्रेता व व्यापारियों की समस्या बताकर जल्द से जल्द टीन शेड बनाने के लिए कहा। यह मंडी निर्माण की योजना में शामिल है। एसडीएम ने तुरंत मंडी सचिव को टीन शेड निर्माण की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
टीन शेड निर्माण के निर्देश दिए
मंडी सचिव को टीन शेड निर्माण के निर्देश दे दिए हैं। इसमें व्यापारियों की दुकान के सामने शेड बनाए जाएंगे। ताकी किसान व व्यापारी दोनों का बारिश के दौरान नुकसान न हो।
डी.सी. सिंघी, एसडीएम व भारसाधक अधिकारी
कुछ समय लग सकता है
अभी शुरुआत है, कुछ समय लग सकता है। मौका मुआयना कर टीन शेड की इंजीनियर डिजाइन बनाएगा। बोर्ड में स्वीकृति के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।
ओ.पी. शर्मा, मंडी सचिव
प्लेटफॉर्म पर हो नीलामी
खुले में खरीद-फरोख्त होने से बीते साल बारिश में बड़ी मात्रा में सब्जियां सड़ गईं थी। जो प्लेटफॉर्म बने हैं उनका भी उपयोग नहीं हो रहा। नीलामी नीचे सड़क पर हो रही है। इससे रास्ता जाम हो जाता है। मंडी बोर्ड को प्लेटफॉर्म पर नीलामी करवाना चाहिए।
मोहम्मद सलीम, अध्यक्ष, सब्जी मंडी
यह लाभ होगा
ञ्चउत्पादक किसानों को सब्जियां सुरक्षित रखने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
ञ्चव्यापारियों को नीलामी के बाद तत्काल सुरक्षित स्थानों पर भंडारण की झंझट नहीं करना होगी।
ञ्चतेज बारिश होने पर भी सब्जियों की नीलामी बेरोकटोक चलेगी।
ञ्चज्यादा माल होने पर किसानों उसे सुरक्षित रख सकेंगे।
मंडी पर
एक नजर
स्थान - सैलाना
बस स्टैंड
व्यापारी - लगभग 5०
दुकानें - 50
किसान आते हैं - 750 से ज्यादा
टीन शेड बनेंगे - 50
कारोबार - लगभग 15 लाख रुपए प्रतिदिन
उज्जैन व शाजापुर के गेहूं का भंडारण रतलाम में
उज्जैन व शाजापुर के गेहूं का भंडारण रतलाम में
इसलिए भेज रहे हैं गेहूं
उज्जैन, शाजापुर आदि स्थानों से गेहूं रतलाम भेजने की वजह यहां भंडारण क्षमता ज्यादा होना है। रतलाम को खरीदी का लक्ष्य 80 हजार टन मिला है जबकि यहां भंडारण क्षमता 1 लाख 60 हजार टन गेहूं की है।
खरीदी 50 हजार टन
इधर जिले में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी का आंकड़ा 50 हजार टन पहुंच गया है। जिले को गेहूं की खरीदी का लक्ष्य 80 हजार टन मिला है और आखिरी तारीख 21 मई है। इससे खरीदी का लक्ष्य इससे कहीं ज्यादा होने की उम्मीद है।
एकत्र कर रहे बारदान
लक्ष्य से अधिक गेहूं की खरीदी होने से बारदान का संकट खड़ा होने लगा है। इधर-उधर से बारदान एकत्र करना पड़ रहे हैं। एक-दो दिन में बारदान खत्म हो सकते हैं। नागरिक आपूर्ति निगम का कहना है इसके लिए भोपाल में संपर्क किया है। जल्द ही बारदान की व्यवस्था की जाएगी।
अच्छी है भंडारण क्षमता
रतलाम में भंडारण क्षमता अच्छी है। इससे उज्जैन, शाजापुर आदि स्थानों का गेहूं यहां भेजा जा रहा है। इसे वेयर हाउस में सुरक्षित रखा जा रहा है।
ए.आर. खान, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम







