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रिश्तों की अहमियत भूल रहा है इंसान

Matrix News | Jun 11, 2012, 07:46AM IST
जावरा. आधुनिकता की चकाचौंध में उलझकर इंसान रिश्तों की समझ और अहमियत को भूल रहा है। मान, माया, मोह और लोभ के भंवर में फंसकर अपने-परायों में फर्क नहीं कर पा रहा है। धन और विकास की चाल सीढ़ी-दर-सीढ़ी ही होना चाहिए।
यह बात मुनिराज श्री हितेशचंद्र विजयजी ने रविवार सुबह राजेंद्र सूरि जैन दादावाड़ी में धर्मसभा के दौरान कही। श्री दिव्यचंद्र विजयजी ने कहा व्यक्ति की पहचान गुण से होती है। रंग, रूप और धन की बजाय गुणवान होने पर 'यादा ध्यान देना चाहिए। मुनिद्वय का रविवार सुबह नगर आगमन हुआ। ये दादावाड़ी में श्री राजेंद्र श्रमण विद्यापीठ द्वारा १३ व १४ जून को आयोजित होने वाले दादा गुरुदेव के १४४वें क्रियोद्धार दिवस समारोह में निश्रा प्रदान करेंगे।
अगवानी में बिछाए पलक-पावड़े
सुबह ७.३० बजे मुनिद्वय का चौपाटी स्थित श्री शंखेश्वर पाश्र्वनाथ जैन मंदिर से नगर में मंगल प्रवेश हुआ। अगवानी में समाजजन ने पलक-पावड़े बिछाए। यहां से चल समारोह निकला जो नगर के प्रमुख मार्गों से दादावाड़ी पहुंचा, जहां धर्मसभा हुई। चौपाटी जैन मंदिर में संघ पूजा का लाभ ज्ञानचंद पीयूषकुमार चोपड़ा परिवार ने लिया। दादावाड़ी में ट्रस्ट अध्यक्ष माणकलाल कोठारी, श्रीसंघ अध्यक्ष ज्ञानचंद चोपड़ा, बाबूलाल खेमसरा, अशोक लुक्कड़ ने गहुली कर अगवानी की। राजमल लुक्कड़, कमल नाहटा, शैतानमल दुग्गड़, मदनलाल कर्नावट, मदनसिंह चौरडिय़ा, भंवरलाल खेमसरा, समरथमल लोढ़ा, अशोक ओरा, मनोज मेहता, देवेंद्र धारीवाल, जितेंद्र संचेती, विशाल छाजेड़ सहित समाज के अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
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