झूठ बोलते हैं स्टेशन के डिस्प्ले! न करें कभी यकीन
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 02:57(10/02/12)
जबलपुर। स्टेशन के डिस्प्ले सिस्टम इन दिनों झूठी जानकारी देने की बीमारी से जूझ रहे हैं। रेलवे का पूछताछ काउण्टर एक जानकारी देता है तो डिस्प्ले बोर्ड दूसरी जानकारी देता है और ट्रेन आती है तीसरे समय पर। बुधवार को डिस्प्ले बोर्ड के मुताबिक सोमनाथ एक्सप्रेस के आने का समय 3 बजकर 40 मिनट है। पूछताछ केन्द्र का कहना था कि 3 बजकर 30 मिनट पर आएगी, लेकिन रेलगाड़ी आई 4 बजकर 30 मिनट पर। ये सिर्फ एक वाक्या है, ऐसे ढेरों किस्से रोज होते हैं और यात्री माथा पीटते रहते हैं।
किसकी मानें
यात्रियों की मुश्किल ये है कि वे इन दोनों सिस्टमों में से किसकी मानें, जबकि दोनों ही गलत जानकारी देते हैं। टाइम के हेरफेर होने से यात्रियांे की ट्रेनें छूट जाती हैं या फिर वे वक्त के बहुत पहले प्लेटफार्म पर पहुंच जाते हैं और बैठे रहते हैं। कई यात्रियों ने बताया कि पूछताछ केन्द्र के कर्मचारी कभी सटीक जानकारी नहीं देते, लेकिन अब डिस्प्ले सिस्टम से भी विश्वास उठता जा रहा है।
तालमेल नहीं है
डिस्प्ले बोर्ड को अपडेट करने का जिम्मा है एसएनटी विभाग का तो पूछताछ खिड़की कमर्शियल विभाग द्वारा संचालित होती है। इन दोनों विभागों के कर्मचारियों के बीच तालमेल जैसी कोई चीज नहीं है। दोनों ही अपनी-अपनी जानकारियों के आधार पर यात्रियों को ट्रेनों का टाइम बताते हैं। जानकारों का कहना है कि अधिकारियों को दोनों में से किसी एक विभाग को ये जिम्मेदारी सौंपनी चाहिए, ताकि यात्रियों के सफर की शुरूआत अच्छी हो सके।