भोपाल। मध्य प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की महिलाओं को दी गई नसीहत का मामला गरमाने लगा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि आरएसएस के कुंआरे प्रचारक दुष्कर्म करते हैं। मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मानक अग्रवाल ने कहा कि आरएसएस के प्रचारक शादी नहीं करते हैं, इसीलिए वे महिलाओं के साथ दुष्कर्म और शोषण जैसी घटनाओं में लिप्त रहते हैं। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री संजय जोशी का उदाहरण हम सब के सामने है। उन्होंने कहा कि मप्र देश में महिला अत्याचार में पहले नंबर पर है और दुष्कर्म की ज्यादातर घटनाओं में भाजपा, युवा मोर्चा और बजरंग दल के लोग शामिल हैं।
हालांकि बवाल बढ़ने पर
विजयवर्गीय ने सफाई दी है। इससे पहले, विजयवर्गीय ने कहा कि महिलाएं मर्यादा नहीं लांघें। उन्होंने कहा कि मर्यादा का उल्लंघन होता है तो सीता का हरण होता है। जब लक्ष्मण रेखा हर व्यक्ति की खींची हुई है। उस लक्ष्मण रेखा को कोई पार करेगा तो रावण सामने बैठा है। वह सीता का अपहरण कर ले जाएगा। एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि यह सीता का भी अपमान है। महिला आयोग की अध्यक्ष ने भी इस बयान की निंदा की है। लेकिन विजयवर्गीय अपने बयान पर कायम हैं।
उधर, राष्ट्रीय स्वयंसवेक प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि बलात्कार की घटनाएं ''इंडिया'' में ज्यादा होती हैं, ''भारत'' में नहीं। भागवत के कहने का मतलब था कि पश्चिमी सभ्यता का असर शहरी क्षेत्रों में ज्यादा है, जहां रेप की घटनाएं ज्यादातर होती हैं। ग्रामीण इलाकों, जहां भारतीय मूल्यों का बोलबाला है, में ऐसी घटनाएं नहीं होतीं। लेकिन भागवत के बयान का सामाजिक कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं। पूर्व आईपीएस और सामाजिक कार्यकर्ता किरण बेदी ने भी कहा है कि भागवत को ऐसा लगता है, यह हकीकत नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां थाने नहीं हैं, थाने हैं तो महिला पुलिस नहीं है, अस्पताल नहीं हैं, मीडिया नहीं है, वहां ऐसी घटनाएं दब जाती हैं।
महिलाओं के सम्मान के खिलाफ एक प्रोफेसर ने भी बात की है। मध्य प्रदेश में
महिला वैज्ञानिक के बाद अब प्रोफेसर ने विवादित बयान दिया है। बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी कैंपस में गुरुवार दोपहर दो छात्राओं से छेड़छाड़ के बाद बवाल मच गया। पीडि़त छात्राओं के साथियों ने जब छेड़छाड़ का विरोध किया तो आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनके साथ मारपीट की। हद तो तब हो गई, जब शिकायत करने पहुंचीं छात्राओं को बीयू के रैक्टर (सीनियर प्रोफेसर) डॉ. डीसी गुप्ता ने कह दिया कि उन्हें यदि ज्यादा सुरक्षा चाहिए तो वे अपने घर चली जाएं। बात यहीं पर खत्म नहीं हुई। छात्राओं की व्यथा सुनने आईं बीयू की महिला उत्पीडऩ निवारण सेल की अध्यक्ष प्रो. नीरजा शर्मा ने छात्राओं को नसीहत देते हुए कहा-छेड़छाड़ की घटना हुई भी थी तो इतना तमाशा खड़ा करने की क्या जरूरत थी?