...रेल अफसर तो हमारी जेब में हैं भाई!
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 07:12(08/02/12)
जबलपुर। स्टेशन में कार से आने वाले यात्रियों और उनके परिजनों को इस समय स्टैण्ड संचालक खून के आंसू रुला रहे हैं। अव्वल तो वे बहुत बुरी तरह से पेश आते हैं और दूसरे जबरिया किराया वसूलते हैं। कई बार कार मालिकों ने इन संचालकों से कहा भी कि वे उनकी शिकायत रेल अफसरों से कर देंगे तो संचालकों ने कहा कि रेलवे के अफसर उनकी जेब में हैं और जहां चाहो, वहां शिकायत करके देख लो। आम शिकायत है कि कार स्टैण्ड में वाहन मालिकों को परेशान किया जाता है। हालांकि ऐसा नहीं है कि अधिकारियों को कोई खबर न हो, लेकिन पता नहीं क्यों, वे चुप्पी साधे हुए हैं।
ग्वारीघाट क्षेत्र में रहने वाले महादेव झारिया रविवार की रात को स्टैण्ड मंे कार पार्क करके कहीं गये थे, सोमवार को सुबह जब वे लौटे तो स्टैण्ड वालों ने उनसे दो दिन का किराया वसूल कर लिया। जब महादेव ने पर्ची दिखाई तो संचालकों ने कह दिया कि पर्ची मंे गलत लिखा हुआ ह। महादेव ने विरोध किया तो वे अभद्रता पर उतर आए। अंतत: महादेव ने दो दिन का किराया चुकाया और जान बचाई। हालांकि महादेव ने आरपीएफ से भी शिकायत की है। वहीं, पेशे से वकील श्रीमती रूपा चौधरी भी सोमवार को स्टैण्ड संचालकों की मनमानी का शिकार हो गईं। श्रीमती चौधरी टिकट लेने आईं थीं, वे कार से उतरकर आरक्षण केन्द्र की तरफ बढ़ गईं और उनका ड्रायवर कार में ही बैठा रहा। लगभग 20 मिनट बाद जब मैडम लौटीं तो स्टैण्ड वालों ने उनसे किराया देने के लिये विवाद शुरू कर दिया। बहुत हुज्जत के बाद अंतत: श्रीमती चौधरी को किराया देना पड़ा।