...और पांच साल बाद कांप उठा फरवरी
Source: Dainik Bhaskar News | Last Updated 03:18(10/02/12)
जबलपुर। उत्तरभारत में हो रही बर्फबारी का असर अंचल में भी दिखाई दे रहा है। मालवा निमाड़ में उज्जैन व आलीराजपुर सर्वाधिक ठंडे रहे। उज्जैन में न्यूनतम तापमान 3.5 व आलीराजपुर में 4.4 डिग्री रहा। इंदौर में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस (बुधवार रात) पर पहुंच गया। पांच साल बाद ऐसी स्थिति बनी है जब फरवरी ने कंपकंपाया है। वर्ष 2008 में सबसे कम न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री रहा था।
गुरुवार सुबह कई जगह फसलों पर ओस जम गई। किसानों ने पाला पड़ने की आशंका जताई है। देवास के देवगढ़ में गुरुवार सुबह जब किसान खेतों पर पहुंचे तो बर्फ की पर्त दिखी। किसानों का कहना है कि इससे चना, लहसुन सहित अन्य फसलों को नुकसान होगा। सेमलीबुजुर्ग, हैदरपुर, शमसाबाद, भटोनी, गुराड़ियाहातू, रमलखेड़ी, मनापिपल्या, मड़िया, बरखेड़ा, सेमली में भी बर्फ की परत देखी गई। इसी प्रकार धार में ठंड के प्रकोप से डालर चना, गेहूं, आलू, मटर में नुकसान पहुंचने की खबर है।
धमाना, कारोदा में भी नुकसानी के समाचार हैं। धार में न्यूनतम तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंच गया। बदनावर व दिग्ठान क्षेत्र में आलू की फसल में नुकसानी के समाचार हैं। उज्जैन में एक दिन में न्यूनतम तापमान में 2.5 डिग्री की गिरावट आई। इंदौर जिले की देपालपुर तहसील के ग्राम बड़ोली हौज में सुबह खेत व बाहर खड़े वाहनों पर ओस जमी हुई थी। किसानों के अनुसार गेंहूं का अधिक नुकसान हुआ है।
गौतमपुरा में भी शीतलहर से फसलें प्रभावित हुई हैं। पिछले माह भी शीत लहर से फसलों को काफी नुकसान हुआ था। सर्वे में 20 से 30 प्रतिशत नुकसान बताया गया था। गिरोता, अंबालिया, नलवासा, गड़ी बिल्लौदा, कोलाला, फूलान, तलावली, चंबल, पितावली, मेढ़कवास, छड़ौदा, बाई सहित कई गांवों में नुकसानी दिखाई दी है।