शहडोल। ग्राम छीरपानी के समीप मैकल पर्वत पर करीब एक करोड़ वर्ष प्राचीन विभिन्न प्रकार के शंखों के फासिल्स पाए गए हैं। जिन्हें जिला पुरातत्व एवं संग्रहालय में संकलित किया है। इनके संबंध में पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ मार्गदर्शक आरआर सिंह परमार ने बताया कि मैकल पर्वत के फासिल्सों की जानकारी सुरेश प्रसाद सोनी नाम के शिक्षक ने दी थी। इसके बाद विभाग ने छीरपानी के आसपास के पर्वतीय क्षेत्र का गत दिनों सर्वे किया। जिसमें काफी तादात में शंखों के फासिल्स पाए गए।
भौगोलिक हलचल हुई होगी
बताया गया कि नर्मदा नदी की घाटी और आसपास तराई क्षेत्रों में एक करोड़ वर्ष पूर्व झीलें रही होंगी। उन्हीं दिनों यहां विशाल ज्वालामुखी आया होगा। जिसके लावे में जलीय जंतु व वनस्पतियां दब गई। भारी ताप और दाब में लंबे समय तक जमीन में दबे रहने से सभी का मूलरूप पाषाण में बदल गया। फिर भौगोलिक हलचल में नीचे की दबी वस्तुएं ऊपर आ गई। इस संबंध में विभाग द्वारा अध्ययन किया जा रहा है।
जलीय क्षेत्र की बहुलता
इस क्षेत्र में शंखों के फासिल्स पाए जाने से यह प्रतीत होता है कि यहां जल क्षेत्र की अधिकता थी और यहां की जमीन काफी उर्वर थी। सघन वनों का लंबा विस्तार भी था। अभी मैकल क्षेत्र के पुरावशेषों का अध्ययन किया जा रहा है।